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“ एक शाम मंगल धाम” : 16 जुलाई को सिवान में होगा भव्य हनुमंत कथा एवं आध्यात्मिक संध्या का आयोजन
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क,सिवान;- आगामी 16 जुलाई को सिवान में “एक शाम मंगल धाम” के नाम से भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन को लेकर आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा एवं तैयारियों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई गई।आयोजन समिति ने बताया कि 16 जुलाई को भगवान पैलेस, डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज के समीप, सिवान में मंगल धाम, देवघर के सुप्रसिद्ध हनुमंत कथा वाचक परम पूज्य प्रदीप जी महाराज के श्रीमुख से दिव्य हनुमंत कथा का वाचन होगा। कथा के उपरांत प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। सिवान एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं।आयोजन समिति के संयोजक डॉ. रामेश्वर कुमार, संरक्षक एवं व्यवस्थापक पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्री संजय पांडेय, तथा स्वागत अध्यक्ष श्री रूपल आनंद एवं श्री विकास जी ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।समिति ने विशेष रूप से जानकारी दी कि सिवान दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं आयुर्वेद जगत के वरिष्ठ विद्वान प्रो. (वैद्य) प्रजापति त्रिपाठी जी के आतिथ्य में परम पूज्य प्रदीप जी महाराज का सिवान प्रवास एवं आवास रहेगा। आयोजन समिति ने इसके लिए प्रो. प्रजापति त्रिपाठी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।बैठक में आयोजन समिति के सदस्य लीलावती गिरि, निशा लाल, सुनीता जायसवाल, रश्मि गिरी, प्रियंका भारती, सीमा तिवारी, संजय जायसवाल, निलेश कुमार, शंभू सोनी, सत्यम सिंह, अनमोल जी, रंजन सिंह बादल, मुकेश कुमार बंटी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री राहुल तिवारी, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री अजीत चौरसिया, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री मनोरंजन मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नंदलाल चौहान, श्री हैप्पी यादव, बजरंग दल के श्री रंजन जी, श्रीमती तापती वर्मा, प्रो. डॉ. रविंद्र पाठक, श्री रवि चौरसिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।प्रेस वार्ता के माध्यम से आयोजन समिति ने सिवान एवं आसपास के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की कि वे इस दिव्य आयोजन की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा 16 जुलाई को परिवार सहित उपस्थित होकर परम पूज्य प्रदीप जी महाराज के श्रीमुख से हनुमंत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।


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दीपों की रोशनी में सजेगा सीवान, दीपोत्सव में काव्य और कला का होगा संगम
कलश, दीप पेंटिंग व रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागी दिखायेंगे रचनात्मक प्रतिभा
लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- दीपों का पर्व दीपावली की आभा को कला,साहित्य और संस्कृति से जोड़ते हुए संस्कार भारती, सीवान की ओर से आगामी 04 नवंबर को दीपोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम शिव मंदिर (अग्रवाल जी), पुलिया घाट, कागजी मोहल्ला, सीवान में दोपहर तीन बजे से शुरू होगा. आयोजन में दीपोत्सव के साथ काव्य पाठ और विभिन्न कला प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी।संस्कार भारती की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. कार्यक्रम के तहत कलश पेंटिंग, दीप पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल के माध्यम से दीपावली की संस्कृति, परंपरा और उल्लास को रंगों में उकेरेंगे. वहीं, काव्य पाठ के दौरान साहित्य प्रेमी अपनी रचनाओं के माध्यम से दीपोत्सव के भाव और भारतीय संस्कृति की विविध छटाओं को प्रस्तुत करेंगे.आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में सहभागिता के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है. आयोजन का उद्देश्य कला, साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं और बच्चों में रुचि बढ़ाना तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है.संस्कार भारती, सीवान ने जिले के कला एवं साहित्य प्रेमियों, बच्चों, युवाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. आयोजकों का कहना है कि दीपों के पर्व को रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से जोड़कर मनाने का यह प्रयास शहर में उत्सव के साथ कला का माहौल भी तैयार करेगा।अध्यक्ष राम प्रेम शंकर सिंह की अध्यक्षता में सिवान इकाई की बैठक रविवार को कलावती मैरिज हॉल में आयोजित की गई जिसमें अर्पित कुमार सिंह को कार्यक्रम के संयोजक के रूप में चयन की घोषणा जादूगर विजय जी ने किया। आयोजन को सफल एवं सुंदर बनाने के लिए निम्न सदस्यों को विभिन्न दायित्व दिए गए बृजमोहन प्रसाद,अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ,सुनील कुमार ,लव कुमार साहू ,डॉक्टर राकेश कुमार तिवारी ,भगवान दास, ओम प्रकाश शर्मा ,प्रतिमा साहू ,सरोज सोनी ,अंजनी पांडे ,प्रेमकांत यादव ,धनंजय मिश्रा, धीरज श्रीवास्तव, राजेश सोनी ,राजेश पांडे,नंदकुमार द्विवेदी, डॉ विपुल कुमार ,सत्यम कुमार, कृष्ण कुमार गुप्ता ,विकास शाह,साक्षी सोनी।

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परमार्थ ज्ञान मंदिर में होगा हरिद्वार अधिवेशन : स्थानीय संयोजक
विदेश से जुटेंगे साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, समाजसेवी एवं विषय विशेषज्ञ
हरिद्वार ;- कला, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन, संरक्षण एवं विकास के प्रति समर्पित थावे विद्यापीठ के तत्वाधान में आगामी 24 और 25 अक्टूबर, 2026 को प्रसिद्ध पावन तीर्थ स्थल हरिद्वार में स्थित परमार्थ ज्ञान मंदिर के विशाल और भव्य सभागार में दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन का आयोजन होना निश्चित हुआ है, जिसमें देश – विदेश से साहित्यकार, शिक्षाविद, कलाकार, पत्रकार, संस्कृति के लिए समर्पित विद्वतजन एवं समाजसेवी और राष्ट्रप्रेमी जन भाग लेंगे।एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हरिद्वार अधिवेशन के स्थानीय संयोजक एवं विद्यापीठ के उपकुलसचिव डॉ. गिरधारी लाल अग्रवाल ने यह जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि विदेशी प्रतिभागियों के साथ देश के आधा दर्जन राज्यों के लगभग 50 शहरों से प्रतिभागीगण सम्मिलित होकर अधिवेशन की शोभा बढ़ाएंगे। अधिवेशन के प्रथम दिवस निबंधन के पश्चात भव्य उद्घाटन समारोह और तीन तकनीकी सत्रों का संचालन होगा। तकनीकी सत्र हिंदी भाषा, पर्यावरण और युवा वर्ग के विषयों पर केंद्रित होगा। तत्पश्चात रात्रि में कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं दूसरे दिन सुबह में गायन वादन के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी। एक तकनीकी सत्र के पश्चात मुक्त सत्र में विभिन्न क्षेत्र के राष्ट्रीय और सामाजिक हित में कार्य कर रहे चयनित प्रतिभागियों को गरिमामय सभागार में सम्मानोपाधियां प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात रात्रि में कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होना सुनिश्चित किया गया है। इस अधिवेशन को सफल बनाने के लिए विद्यापीठ के पदाधिकारी एवं सदस्य गण तैयारी में जुटे हुए हैं। अतिथियों के आवासन, भोजन के साथ अधिवेशन हेतु सभागार आदि के अवलोकन करने के लिए थावे विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति प्रो.(डॉ.) राम प्रकाश शर्मा एवं रंजीत कुमार के साथ हरिद्वार की यात्रा पर हैं। इस अधिवेशन में विद्यापीठ के कुलाधिपति महामंडलेश्वर (डॉ.) स्वामी हरिहरानंद सरस्वती, कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, प्रतिकुलपति डॉ. जे. बी. पांडेय के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति और उप कुलसचिव डॉ. गिरधारी लाल अग्रवाल, अधिवेशन संयोजक डॉ. गजेन्द्र तिवारी सहित सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगण कार्यरत हैं।स्थानीय संयोजक एवं उप कुलसचिव डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विद्यापीठ द्वारा ऐसे अधिवेशनों का आयोजन विद्यापीठ के स्थापना काल से ही किसी साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व के क्षेत्र, तीर्थ स्थान में ही किए जाने की परंपरा है। इसी श्रृंखला में चित्रकूट, अयोध्या, वाराणसी, जगन्नाथ पुरी में अधिवेशन करने के पश्चात इस बार विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गंगा अवतरण स्थल “हरिद्वार”, जिसे हरिधाम के द्वार के रूप में देखा जाता है, में होना सुनिश्चित किया गया है। धार्मिक महत्व के ऐसे दिव्य क्षेत्र में कार्यक्रम करने से स्वाभाविक रूप से व्यक्ति का मन शुद्ध और पवित्र होकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का अनुभव करने लगता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस संस्था की सांस्कृतिक विरासत जितनी अधिक समृद्ध होती है, वह उतनी ही श्रेष्ठता के साथ समाज और देश की सेवा करने में सक्षम और सामर्थ्यवान होता है। ऐसे ही पावन विचारों के साथ थावे विद्यापीठ परमार्थ पथ पर अग्रसर है। ऐसे धार्मिक वातावरण और भगवती भगीरथी गंगा के तट पर थावे विद्यापीठ द्वारा वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया जाना, निश्चित रूप से विद्यापीठ के राष्ट्रीय कला,साहित्य एवं सांस्कृतिक प्रेम और निष्ठा को दर्शाता है।स्थानीय संयोजक डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि अधिवेशन में भाग लेने वाले पंजीकृत व चयनित सभी प्रतिभागियों के आवासन एवं भोजन आदि की व्यवस्था विद्यापीठ के द्वारा की जाएगी। दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड होगा। पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता, पजामा एवं केसरिया बंडी और लोंगो वाली पगड़ी, जबकि महिलाओं के लिए केसरिया बॉर्डर की सफेद साड़ी एवं लोंगो वाली पगड़ी की व्यवस्था प्रतिभागियों को स्वयं करनी होगी। विद्यापीठ के द्वारा पगड़ी, लोंगो, स्कार्फ, बैच और पट्टा उपलब्ध कराया जाएगा।

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सोने के कारोबार पर बढ़ता शिकंजा, स्वर्णकारों का दिल्ली में हुंकार ; रुपेश कुमार राष्ट्रीय सचिव,अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ 3545
- रेडिसन ब्लू में देशभर के दिग्गज स्वर्णकारों की बैठक, सरकार की नीतियों पर फूटा आक्रोश, जंतर-मंतर पर 5 से 10 हजार कारोबारियों के जुटने की तैयारी, पहले सरकार से सीधी वार्ता का फैसला, बैंकिंग नीतियों, कारोबार संबंधी व्यवस्थाओं और स्वर्णकारों की सुरक्षा का मुद्दा बना आंदोलन का केंद्र
लोकतंत्र न्यूज,नेशनल डेस्क,नई दिल्ली ;- सोने का कारोबार करने वाले व्यापारियों और कारीगरों की समस्याओं को लेकर अब अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ 3545 ने दिल्ली से बड़ी आवाज उठाने का संकेत दिया है।द्वारका स्थित रेडिसन ब्लू होटल में राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे पदाधिकारियों ने सरकारी व्यवस्थाओं,बैंकिंग नीतियों और स्वर्ण कारोबार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चिंता जताई।बैठक में वक्ताओं का कहना था कि हर दिन नई व्यवस्था, नए नियम और कारोबार से जुड़ी नई चुनौतियां स्वर्ण व्यवसायियों और कारीगरों के सामने परेशानी खड़ी कर रही हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि कारोबारियों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो संघ को दिल्ली में बड़ा आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा।अब जंतर-मंतर की बारी!कर्नाटक के राम मूर्ति, पंजाब के मनदीप सिंह और राजस्थान के शिवकरण समेत अन्य प्रतिनिधियों ने दिल्ली में सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा। बैठक में सुझाव आया कि जंतर-मंतर पर 5,000 से 10,000 स्वर्ण व्यवसायियों को जुटाकर एक दिन का बड़ा प्रदर्शन किया जाए।प्रस्तावित आंदोलन में पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा देश के अन्य राज्यों से भी प्रतिनिधियों को बुलाने पर जोर दिया गया।आंदोलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत से कराने का सुझाव भी रखा गया।आंदोलन से पहले सरकार के दरवाजे पर दस्तकहालांकि बैठक में सीधे टकराव के बजाय पहले सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने पर भी जोर दिया गया। वाराणसी से पहुंचे शैलेश वर्मा ने सुझाव दिया कि संघ का प्रतिनिधिमंडल सरकार से सीधे वार्ता करे और स्वर्ण व्यवसायियों तथा कारीगरों की समस्याएं मजबूती से रखे।दिल्ली के अजीत विश्वास ने भी कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर मांगों को सामने रखा जाना चाहिए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर धरना सरकार का ध्यान आकर्षित करने का माध्यम बनेगा।बैंकों की नीतियों पर भी सवालबैठक में बैंकों द्वारा अपनाई जा रही नीतियों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वर्ण कारोबार पहले ही अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतें व्यापारियों की परेशानी बढ़ा रही हैं।बैठक में मोदी सरकार द्वारा स्वर्ण व्यवसायियों के कारोबार को लेकर बार-बार किए जाने वाले कथित कारोबार-विरोधी प्रचार पर भी चिंता व्यक्त की गई और कहा गया कि सरकार को स्वर्ण कारोबार की वास्तविक परिस्थितियों और उससे जुड़े लाखों व्यापारियों व कारीगरों की समस्याओं को समझना चाहिए।लूट-डकैती ने बढ़ाई चिंताराष्ट्रीय अतिरिक्त महासचिव विभाष मैती और बिहार के सत्यम भारती ने स्वर्णकारों के साथ होने वाली घटनाओं तथा देशभर में लूट, डकैती और मारपीट की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए तथा स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।पंजाब-हरियाणा ने संभाली कमानपंजाब अध्यक्ष अश्विनी नमेशाह ने प्रस्तावित आंदोलन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। हरियाणा अध्यक्ष पवन वर्मा ने अधिक से अधिक कारोबारियों को दिल्ली लाने तथा प्रदर्शन में आने वालों के रहने और भोजन की व्यवस्था में सहयोग की जिम्मेदारी लेने की बात कही।झारखंड से पहुंचे डॉ. दिलीप और अध्यक्ष वीरेंद्र, दिल्ली के अजीत विश्वास सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकार के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर स्वर्णकारों की समस्याएं रखने की जिम्मेदारी संभालने की बात कही।राष्ट्रीय सचिव अजीत विश्वास, अशोक सूरी, सरदार लखबीर सिंह और आंध्र प्रदेश के वेनेगिला महेश समेत अन्य पदाधिकारियों ने प्रस्तावित दिल्ली आंदोलन को व्यवस्थित और व्यापक बनाने की जिम्मेदारी ली। दक्षिण भारत से भी बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की भागीदारी का भरोसा जताया गया।
5 बड़े सवाल – 1. क्या स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े लगातार बदलते नियम कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं?
2. बैंकिंग नीतियों को लेकर व्यापारियों की शिकायतों पर सरकार क्या कदम उठाएगी ?
3. मोदी जी बार-बार कह रहें हैं सोना नहीं ख़रीदे , मोदी सरकार को समझना चाहिए, सोने के व्यापार के साथ ही आपना जीवन जी रहे करोड़ों स्वर्ण कारीगरों और उनके परिवार के बारे क्या सोचते हैं, स्वर्णकारों और कारीगरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था कब बनेगी?
4. स्वर्ण व्यवसायी के साथ हर रोज देश के हर हिस्से में लूटपाट डकैती कत्ल हो रहे कोई जुम्मेदारी नहीं लेता ,सरकार संघ के प्रतिनिधिमंडल से सीधी वार्ता करेगी?
5. बातचीत विफल हुई तो क्या जंतर-मंतर पर हजारों स्वर्ण व्यवसायी उतरेंगे?एग्जिबिशन में दिखी देश की आभूषण ताकतबैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सदस्यों ने दिल्ली में यशोभूमि और प्रगति मैदान में आयोजित सोने-चांदी की प्रदर्शनियों का दौरा किया। देशभर से पहुंचे स्वर्ण व्यवसायियों ने आभूषणों के नए डिजाइन और उत्पाद प्रदर्शित किए।बैठक ने साफ कर दिया कि स्वर्णकार संघ अब अपनी समस्याओं को बंद कमरों तक सीमित रखने के मूड में नहीं है। पहले सरकार से बातचीत होगी, लेकिन समाधान नहीं निकला तो दिल्ली का जंतर-मंतर स्वर्ण कारोबारियों की आवाज का बड़ा मंच बन सकता है।

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