Connect with us

Tech

गूलर के पेड़ और इसके फल में अनेक औषधीय गुण होते हैं

Published

on

महराजगंज। गूलर के पेड़ और इसके फल में अनेक औषधीय गुण होते हैं। इसलिए इसके पेड़ को बोलचाल में ‘हकीम सरदार’ भी कहा जाता है।  गूलर फाइकस परिवार का एक विशाल वृक्ष है, जिसके फल अंजीर की भांति होते हैं। इसके फल तने पर गुच्छे के रूप में लगते हैं। फल में कीट-पतंगे भी रहते हैं। इस कारण इसे जंतुफल भी कहा जाता है। 12 महीने फल देने के कारण इसको सदाफल भी कहा जाता है। इसकी गिनती अंजीर प्रजाति में की जाती है। इसका फल कई बीमारियों में लाभकारी होता है।

यह कहना है कि  आईटीएम चेहरी के डॉ. देव चंद्र कुशवाहा का। उन्होंने  बताया कि आयुर्वेद में गूलर को औषधि का खजाना माना गया है। इससे नेत्र रोग, मधुमेह, मूत्र विकार, डायरिया सहित कई प्रमुख रोगों की अचूक दवा बनती है। गूलर के पेड़ से निकला दूध बवासीर, मुंह के अल्सर व घाव सुखाने में लाभदायक होता है। गूलर का फल ल्युकोरिया, रक्त विकार, त्वचा विकार, पित्त विकार, और शारीरिक कमजोरी दूर करने में उपयोगी होता है। चेचक के उपचार में भी काम आता है। पेड़ का तना, पत्ती, फल व दूध सभी का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि यदि कोई नियमित तौर पर एक वर्ष तक इसका फल खाए तो उसको नेत्ररोग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। बच्चों की कई बीमारियों में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

———————

केएमसी डिजिटल अस्पताल के डॉ. धनंजय ने कहा कि  कि कोरोना काल में गूलर बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। दरअसल, गूलर का पेड़ भरपूर आक्सीजन देता है। इसका फल एंटी वायरस, एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। साथ ही विषैले पदार्थो को शरीर से निष्कासित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। मानसून के मौसम में गूलर का पौधा लगाया जाता है। इसी मौसम में नर्सरी अथवा जंगल से तीन या चार इंच की डंडी (जिसे कलम कहते हैं) द्वारा इसे रोपा जा सकता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Tech

महावीरी विजयहाता में आयोजित आचार्य कार्यशाला का तृतीय एवं समापन दिवस संपन्न

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- स्थानीय विद्या भारती विद्यालय, महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर,विजयहाता में आगामी सत्र 2026-27 की दृष्टि से आयोजित आचार्य कार्यशाला के तृतीय दिवस के समापन सत्र में सीवान विभाग के निरीक्षक अनिल कुमार राम, विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक प्रो रविन्द्र पाठक, अध्यक्ष डॉ शरद चौधरी, सचिव प्रो शंभुनाथ प्रसाद, कोषाध्यक्ष जीव नारायण, सहसचिव ओमप्रकाश सिंह, प्राचार्य डॉ कुमार विजय रंजन तथा प्रभारी प्राचार्य डॉ आशुतोष कुमार की उपस्थिति में त्रि-दिवसीय आचार्य कार्यशाला का अंतिम एवं समापन सत्र संपन्न हुआ। दीप्रज्ज्वलन एवं वंदना के उपरांत सभी अधिकारियों का परिचय एवं सम्मान कराते हुए महावीरी विजयहाता के प्राचार्य डॉ कुमार विजय रंजन ने कार्यशाला के सभी सत्रों का संक्षिप्त वृत्त प्रस्तुत किया। इसके पूर्व आज तृतीय दिवस का आरंभ प्रातःकालीन शारीरिक एवं योग सत्र से हुआ। आचार्य जीऊत चक्रवर्ती तथा वंदना प्रमुख मुरली मनोहर मिश्र ने आचार्यों को महावीरी विजयहाता के योग हॉल में योगाभ्यास एवं प्रातःस्मरण कराया। आज के प्रथम सत्र में विद्यालय व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए नवीन सत्र की ‘आचार्य भारती’ का गठन किया गया। इस दृष्टि से विद्यालय व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं सहायक आचार्य बंधु-भगिनी मनोनीत किए गए। । द्वितीय सत्र में आचार्य नियमावली सौंपते हुए उसके प्रावधानों आदि पर प्राचार्य डॉ रंजन ने आचार्यों के साथ परिचर्चा की। तृतीय सत्र में संस्कृति बोध परियोजना तथा सभी कक्षाओं की शैक्षणिक उपलब्धियों पर कल हुई समीक्षात्मक चर्चा आगे बढ़ाई गई तथा विद्यालय के कक्षाखंडों को लेकर नवीन कक्षाचार्यों तथा दिवसाधिकारियों को नवीन सत्र में दायित्व प्रदान किए गए। अंतिम एवं समापन सत्र में विद्यालय प्रबंधन समिति के ऊपर्युक्त अधिकारियों के साथ आचार्य बंधु-भगिनी का मुक्त चिंतन सत्र हुआ जिसमें विद्यालय की भौतिक आवश्यकताओं, आचार्यों के लिए आवश्यक सुविधाओं आदि को लेकर आचार्य बंधु-भगिनी ने अपने विचार रखे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं समाज की वर्तमान चुनौतियों तथा अभिभावकों की अपेक्षाओं के अनुरूप महत्वपूर्ण शैक्षणिक बिंदुओं को रखते हुए अध्ययन-अध्यापन करने के लिए सुविधाएँ बढ़ाने का आग्रह किया। प्रबंधन समिति ने इन सभी बिंदुओं पर संज्ञान लेते हुए यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मीडिया प्रभारी अखिलेश श्रीवास्तव एवं आचार्य प्रवीण चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह कार्यशाला अपने लक्ष्यों को पूरा करने के संकल्प के साथ शांति मंत्र द्वारा संपन्न हुई।

  

Continue Reading

Tech

महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर,मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया गया

Published

on

महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्स्व के रूप में शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया।सबसे पहले प्रातः काल में सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल कुमार राम जी की गरिमामयी सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भईया बहनों द्वारा माँ दुर्गा मन्दिर परिसर से पथ संचलन निकाला गया जो हथुआ मोड़ से गलामंडी होते हुए थाना चौक फलमंडी के रास्ते पुनः विद्यालय आकर सम्पन्न हुआ।पथ संचलन में शिशु मन्दिर महावीरपुरम सिवान के प्रधानाचार्य संकुल प्रमुख श्री कमलेश नारायण सिंह,स्थानीय प्रधानाचार्य श्रीमती सुनिता राय,अध्यक्ष श्री पंकज किशोर सिंह,कोषाध्यक्ष श्री विजय कुमार,बालिका विद्या मन्दिर सिवान की प्रधानाचार्या श्रीमती सिम्मी कुमारी,शिशु मंदिर हकाम की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन उपाध्याय,कोयलादेवा शिशु मन्दिर की प्रधानाचार्या श्रीमती रिंकू देवी एवं अन्य महावीरी विद्यालयों के आचार्य एवं आचार्य गण शामिल रहे।वहीं पथ संचलन को सफल बनाने में मीरगंज की पुलिस का सराहनीय सहयोग रहा।रंगोत्स्व का शुभारंभ मुख्य अतिथि मीरगंज नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अनीता देवी,पूर्व नगर अध्यक्ष श्रीमती मोहिता देवी,नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्री धनंजय यादव,स्वयंसेवक श्री रंजीत मिश्रा एवं सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल राम,शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री कमलेश नारायण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।मंच संचालन आचार्या वंदना शर्मा ने किया।वहीं कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान भी किया गया।इस अवसर पर श्री दिवाकर मिश्रा,धर्मेंद्र शाही,महावीरी विजयहाता के प्रधानाचार्य डॉ कुमार विजय रंजन,महावीरी बरहन गोपाल के प्रधानाचार्य श्री रविंद्र राय,विद्या मन्दिर बड़‌हरिया के प्रधानाचार्य श्री आलोक कुमार,शिशु मन्दिर के प्रधानाचार्य श्री उपेन्द्र कुमार मिश्र,निजी विद्यालय की प्राचार्य लवली राय,श्री वशिष्ठ सिंह नारायण,वरिष्ठ आचारया श्रीमती शिवानी कुमारी,बालिका विद्या मन्दिर की आचार्या प्रज्ञा द्विवेदी,श्री ठाकुर गुप्ता,स्थानीय विद्यालय की आचार्या सुरुचि वर्मा,सपना कुमारी,राजनंदनी सोनी तथा गूंजा कुमारी सहित विद्यालय अभिभावक एवं भैया बहन शामिल रहे।रंगोत्सव में विद्यालय के नन्हें मुने भईया बहनों ने पर्यावरण संरक्षण,कुटुम्ब प्रबोधन एवं सनातन वैवाहिक परम्परा की प्रेरणादायी तथा होली की मनमोहक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मन मोह लिया

Continue Reading

Tech

महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर मीरगंज में सप्तशक्ति संगम का हुआ आयोजन

Published

on

लोकतंत्र न्यूज़,मीरगंज (गोपाललगंज );- महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर मीरगंज में सोमवार 22 दिसंबर 2025 को सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता ज्योति देवी ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ सप्तशक्ति संगम की विभाग संयोजिका श्रीमती आशा रंजन,अध्यक्ष श्रीमती ज्योति देवी एवं वरिष्ठ आचार्या श्रीमती सन्नी पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर किया।मुख्य वक्ता श्रीमती आशा रंजन ने कुटुंब प्रबोधन पर अपना उद्बोधन दिया।वहीं श्रीमती सनी पाण्डेय ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।विशिष्ट माता का सम्मान रेखा कुमारी,नीलू कुमारी।अनुभव कथन ब्यूटी देवी एवं स्मृति केशरी ने किया। आभार ज्ञापन वंदना शर्मा,संकल्प प्रस्तुति आचार्या सुरुचि वर्मा ने किया।विशिष्ट माता के रूप में मशरूम की खेती से महिलाओं को स्वालंम्बी बनाने वाली रेखा कुमारी एवं दीया निर्माण से महिलाओं को सशक्त बनाने वाली नीलू देवी को दिया गया।प्रधानाचार्या सुनीता राय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में प्रबधकारिणी समिति अध्यक्ष श्री पंकज किशोर सिंह,कोषाध्यक्ष श्री विजय कुमार,सचिव श्री ब्रजेश कुमार सिंह,सरस्वती शिशु मंदिर हकाम की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन कुमारी,शिशु मंदिर सरसर के प्रधानाचार्य श्री वीरेंद्र कुमार सिंह,सरस्वती शिशु मंदिर कोयलादेवा की प्रधानाचार्या रिंकू कुमारी,आचार्या सोनी कुमारी सहित अन्य गणमान्य शामिल रहे।मंच संचालन मंजू देवी ने किया।विद्यालय की आचार्या सपना कुमारी,राज नंदनी सोनी,गुंजा कुमारी।प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुए इस सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में करीब 300 माताओं की सहभागिता रही।मुख्य द्वार पर विद्यालय की बहनों द्वारा रोड़ी चंदन एवं पुष्प वर्षा से किया गया।

Continue Reading

Trending