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निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक

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 “ योग्य मतदाता किसी भी परिस्थिति में छूटे नहीं और अयोग्य मतदाता किसी भी परिस्थिति में जूटे नहीं- जिला निर्वाचन पदाधिकारी 

लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- भारत निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं पुनरीक्षण पूर्व गतिविधि के तहत मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण के संदर्भ में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, सिवान डॉक्टर आदित्य प्रकाश की अध्यक्षता में बुधवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक समाहरणालय सभागार में आहूत की गई।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह-जिला पदाधिकारी सिवान ने कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधियों से इन कार्यों में सहयोग अपेक्षित है।

योग्य मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे,अयोग्य मतदाता मतदाता सूची में न रहे, इसके लिए मतदाता सूची को शुद्ध करने हेतु व्यापक कार्य किया जाना है

जिला पदाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार बिहार राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कराया जाना है।

यह पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश और समय-सारणी के अनुसार आयोजित किया जाएगा।

इस गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हों ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

उप निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बिहार में पिछला गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। वर्तमान में तेजी से हो रहे शहरीकरण,लगातार होने वाला प्रवासन, नए युवाओं का 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदाता बनने की पात्रता प्राप्त करना, मृत्यु की जानकारी का समय पर न मिलना तथा अवैध विदेशी नागरिकों के नाम सूची में दर्ज हो जाना जैसी स्थितियों के कारण यह गहन पुनरीक्षण आवश्यक हो गया है। ताकि त्रुटिरहित और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सके।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत बी०एल०ओ० घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।

यदि किसी राजनीतिक दल अथवा मतदाता द्वारा कोई दावा या आपत्ति दर्ज की जाती है,तो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) संबंधित मामले की जांच करेंगे और उसके बाद ही ERO अपना निर्णय लेंगे।

इसके अतिरिक्त,जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत ERO के आदेश के विरुद्ध जिला पदाधिकारी (District Magistrate) तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Electoral Officer) के समक्ष अपील दायर की जा सकती है।

पुनरीक्षण के क्रम में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं बूथ स्तर अधिकारी (BLO) द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि वास्तविक मतदाताओं,विशेष रूप से वृद्ध, बीमार,दिव्यांगजन (PWD), गरीब तथा अन्य वंचित वर्गों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें हर संभव सुविधा प्रदान की जाए। इस क्रम में सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट्स (B LA) की नियुक्ति अपेक्षित है।

BLA की सक्रिय भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि यदि कोई विसंगतियाँ या त्रुटियाँ हों,तो उनका समाधान तैयारी के प्रारंभिक चरण में ही कर लिया जाए। जिससे दावे, आपत्तियों और अपीलों की संख्या में कमी लाई जा सके।

बिहार राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण कराए जाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के द्वारा 25 जून से 27 जुलाई 2025 तक का समय निर्धारित किया गया है।
उप निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार में अंतिम संक्षित पुनरीक्षण 2003 में किया गया था, इसलिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) 01.01.2003 की अर्हता तिथि वाली 2003 की निर्वाचक नामावली को पात्रता का प्राथमिक प्रमाण मानेंगे,जिसमें नागरिकता की भी धारणा शामिल होगी,जब तक कि इसके विपरीत कोई जानकारी न प्राप्त हो।
कोई भी व्यक्ति जिसका नाम 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है,उसे निर्वाचक नामावली में पंजीकरण के लिए पात्रता सिद्ध करने हेतु सरकार द्वारा मान्यता विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
सभी मतदाताओं को Enumeration Form के साथ संलग्न घोषणा-पत्र में घोषणा करना अनिवार्य है।

घोषणा के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की सांकेतिक (लेकिन संपूर्ण नहीं) सूची (स्वयं, पिता और माता के लिए अलग-अलग स्वप्रमाणित दस्तावेज़ प्रस्तुत किए जाने हैं। यदि ऊपर उल्लिखित हों, सिवाय उन मामलों के जहां बिहार की निर्वाचक नामावली की 01.01.2003 की अर्हता तिथि की प्रति का उपयोग किया गया हो, जिसे एक पर्याप्त दस्तावेज़ माना जाएगा।
किसी केंद्रीय सरकार / राज्य सरकार पीएसयू के नियमित कर्मचारी पेंशनर को जारी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश।
01.07.1987 से पूर्व भारत में सरकार / स्थानीय प्राधिकरणों / बैंकों / डाकघर / एलआईसी / पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र / प्रमाणपत्र / दस्तावेज़ ।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र,पासपोर्ट।
मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिक शैक्षिक प्रमाण पत्र।
सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र,वन अधिकार प्रमाण पत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी / एससी एसटी या कोई जाति प्रमाण पत्र। नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (जहां भी लागू हो)। राज्य / स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर एवं सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि आवास आवंटन प्रमाण पत्र।

यदि BLO को गणना के समय कोई घर बंद मिले,तो वह प्रपत्र घर में डाल देगा और भरे हुए प्रपत्र लेने के लिए कम से कम तीन बार दौरा करेगा।

मौजूदा मतदाताओं को प्री-फिल्ड गणना प्रपत्र डाउनलोड करने और ऑनलाइन भरे हुए प्रपत्र व दस्तावेज़ अपलोड करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

प्रत्येक मतदाता को यह प्रपत्र आवश्यक जानकारी और स्वप्रमाणित दस्तावेजों के साथ BLO को देना होगा।

BLO फिर से हर घर जाकर भरे हुए गणना प्रपत्र इक‌ट्ठा करेगा,एक प्रति दस्तावेजों सहित अपने पास रखेगा और दूसरी प्रति पर प्राप्ति रसीद देकर यह प्रति आवेदक को देगा।

यदि मतदाता ने ऑनलाइन प्रपत्र व दस्तावेज़ अपलोड किए हैं, तो BLO घर पर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।

प्रारूप मतदाता सूची में केवल उन्हीं मौजूदा मतदाताओं के नाम होंगे,जिन्होंने भरे हुए गणना प्रपत्र BLO को दिए हैं या जिनके ऑनलाइन प्राप्त और BLO द्वारा सत्यापित प्रपत्र हैं। जिनसे प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए उनके नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे।
यदि कोई मतदाता निर्दिष्ट समय में प्रपत्र नहीं दे पाता,तो वह दावा व आपत्ति अवधि में फ़ॉर्म-6 व घोषणा प्रपत्र (परिशिष्ट-डी) के साथ नाम शामिल कराने हेतु आवेदन कर सकता है।

प्रारूप प्रकाशन की सूचना (फ़ॉर्म-5) जारी करते समय ERO आगामी पात्रता तिथि अर्थात 1 अक्टूबर 2025 के लिए अग्रिम आवेदन भी आमंत्रित करेगा।

यदि ERO/AERO को किसी प्रस्तावित मतदाता की पात्रता पर संदेह हो (आवश्यक दस्तावेज़ न मिलने या अन्य कारणों से), तो वह स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगा और ऐसे मतदाता को नोटिस जारी करेगा कि क्यों उसका नाम सूची से हटाया न जाए।
फील्ड जांच,दस्तावेज या अन्य आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और एक स्पष्ट आदेश पारित किया जाएगा। संदिग्ध विदेशी नागरिकों के मामलों को नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ERO की संतुष्टि जिस दस्तावेज़ पर आधारित है,उसे ECINET में अपलोड किया जाए क्योंकि वर्तमान तकनीक इसकी अनुमति देती है।
नए मतदाता के रूप में नाम शामिल करने के सभी दावे फ़ॉर्म-6 और नई घोषणा पत्र के साथ होंगे। सभी लंबित फॉर्म-6 और आगामी दावों पर भी घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
निवास स्थान बदलने,प्रविष्टियों में सुधार या अ अद्यतन, EPIC के प्रतिस्थापन और PWD चिह्नित करने हेतु आवेदन फ़ॉर्म-8 में किया जाएगा। बिहार राज्य से बाहर से आने पर फ़ॉर्म-8 के साथ नया घोषणा पत्र भी देना अनिवार्य होगा।
ईआरओ (ERO) को फार्म 9, 10, 11, 11A और 11B में दावों और आपत्तिों की सूची तैयार करनी होगी और इन सूचियों की एक प्रति अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रत्येक कार्य दिवस पर प्रदर्शित करनी होगी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित कार्यकम संसूचित किया गया है।
आयोग के उक्त कार्यकम के अनुसार प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए 1200 निर्वाचकों के मानक के आधार पर मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण के लिए 25.06.2025 से 26.07.2025 तक समय सीमा निर्धारित करते हुए युक्तिकरण से संबंधित दिशा निर्देश संसूचित किया गया है।
उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन 01/08/2025 को किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के द्वारा प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए बीएलए की नियुक्ति की जानी है। उन्होंने सभी से बीएलए की नियुक्ति संशोधित बीएलए form 2 करने हेतु अनुरोध किया।

बैठक में अपर समाहर्ता,सिवान,उप विकास आयुक्त सिवान, सभी निर्वाची पदाधिकारी,उप निर्वाचन पदाधिकारी, सिवान के साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,
सिवान।

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देश

श्रीकांत धाम में श्री बांके बिहारी प्राकटोत्स आज

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लोकतंत्र न्यूज,सीवान;- हुसैनगंज प्रखंड के हथौड़ा गांव स्थित श्रीकांत धाम में इस वर्ष श्री बांके बिहारी जी का प्राकटोत्सव 4 और 5 सितंबर को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जाएगा।शुक्रवार 4 सितंबर की सुबह व्यास सुदर्शन यादव की टीम द्वारा अष्टयाम शुरू होगा।दोपहर में श्री लक्ष्मेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा।शाम को प्रसिद्ध भोजपुरी व्यास टुनटुन हलचल द्वारा श्री बिहारी जी के प्राकट्य उत्सव की संगीतमय कथा प्रस्तुत की जाएगी।इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन स्थानीय विशिष्ट लोगों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।मध्य रात्रि में श्री बांके बिहारी जी का प्राकट्य होगा।इस अवसर पर भव्य झांकी निकाली जाएगी और महाआरती का आयोजन होगा एवं महाप्रसाद का भी वितरण किया जाएगा।दूसरे दिन अष्टयाम की पूर्णाहुति आयोजित किया जाएगा।मंदिर को वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के तर्ज पर सजाया गया है।इसके लिए वृंदावन से कलाकारों को बुलाया गया है।कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कई समितियों का गठन किया गया है।संचालन समिति में अधिवक्ता एवं पत्रकार अरविंद कुमार पांडेय, पंकज पांडेय एवं अमृत राज पांडेय को शामिल किया गया है।बैठक में रीता पांडेय, अधिवक्ता जयनाथ सिंह, अधिवक्ता अविनाश कुमार सिंह, अधिवक्ता सादाब खां, श्री माता वैष्णो देवी दर्शन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव मिथिलेश कुमार सिंह, अनूप कुमार, सुधीर कुमार, इमरान अली मंसूरी, राजीव कुमार मिंटू, सुभाष कुमार, अजय यादव, सुमितकमार, पप्पू कुमार, तारकेश्वर चौहान, राजू कुमार, चंदन , सचिन , प्रिंस सहित अन्य शामिल हैं।

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Business

सिवान में KFC आउटलेट का हुआ भव्य शुभारंभ,फ्राइड स्वादिष्ट चिकन का लुत्फ़ अब सिवान

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लोकतंत्र न्यूज,सिवान ; फ्राइड चिकन के लिए मशहूर दुनिया का प्रसिद्ध रेस्तरां केएफसी के नवीन आउटलेट का सिवान में भव्य उद्घाटन हुआ।यह रेस्तरां हॉस्पिटल रोड के चंद्रिका टॉवर में खुला है।बुधवार को इसका उद्घाटन डीडीसी,सिवान अमिताभ सिंह द्वारा किया गया।इस अवसर पर सदर एसडीएम श्री आशुतोष गुप्ता की गरिमामई उपस्थिति रही।

सिवान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष सह उद्यमी डॉक्टर रूपेश कुमार ने बताया कि पहले लोग केएफसी के स्वाद के लिए बड़े शहरों में जाया करते थे लेकिन अब सिवान में यह सुविधा उपलब्ध होगी। जिसमें फ्राइड चिकन की लज़ीज़ वैराइटी तो उपलब्ध होगी ही। एक पारिवारिक माहौल में केएफसी के स्वाद का लुत्फ उठाया जा सकेगा। केएफसी के रीजनल मैनेजर विनीत कुमार ने बताया कि केएफसी अपने उत्पादों की गुणवत्ता के चलते ही 1930 से 150 देशों में ग्राहकों को फ्राइड चिकन का लजीज स्वाद मुहैया करवा रहा है। उन्होंने बताया कि हम स्वाद और क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करते हैं। हमारे उत्पादों का स्तरीय मानक निर्धारित है।

एरिया मैनेजर रंजन ने बताया कि हमारे गुप्त मसाले अद्भुत स्वाद के लिए जाने जाते हैं।उदघाटन के मौके पर मौजूद चार्टर्ड एकाउंटेंट कुमार गंधर्व ने बताया कि हमारे परिवार के बच्चे सिवान में के एफ सी के आने की बात सुनकर हीं खुश हैं। इस अवसर पर महादेव पासवान, गणेश दत्त पाठक, डॉक्टर फैसल महमूद, अभिषेक श्रीवास्तव, अरविंद पाठक आदि उपस्थित रहे।

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भव्यता के साथ हुआ श्रीकृष्ण बाल मेला का आयोजन

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लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन,सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को श्रीकृष्ण बाल मेला का आयोजन हुआ।आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथियों द्वारा मंगलदीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।कार्यक्रम का प्रारम्भ इस्कॉन मंदिर की ओर से प्रस्तुत हरिकीर्तन से हुई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण श्रीकृष्णमय हो गया।इसके बाद श्रीकृष्ण,राधा और सुदामा के रूप में सुसज्जित बच्चों और उनके अभिभावकों द्वारा शोभायात्रा निकाली गयी, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।कार्यक्रम में दीप मंत्र,श्रीकृष्ण स्तुति तथा योगेश्वर श्रीकृष्ण के चरित्र पर आधारित काव्य पाठ की प्रस्तुति से श्रद्धालु दर्शक भावविभोर नजर आये।कलाकारों ने अपने शानदार प्रस्तुति से श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों को जीवंत कर दिया।कार्यक्रम में गणेश पांडे, शिवन्या कुमार, राजन शाह, करिश्मा कुमारी, अनमोल कुमार, राजन बयान सिंह, गिरिजेश कुमार, रंजन कुमार, अंजना कुमारी, जीतन कुमार, शिवानी कुमारी, सरोज कुमारी, रुद्र प्रताप, समी कुमारी, जिज्ञासा कुमार एवं राजेश कुमार सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.दर्शकों को संबोधित करते हुए प्रो. रविंद्र नाथ पाठक ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब की मर्यादा और समाज के कुशल नेतृत्व का अद्भुत समावेश दिखाई देता है.

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से नेतृत्व, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा लेनी चाहिए.आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी ने कहा कि श्रीकृष्ण बाल मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है. उन्होंने कहा, “किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, उत्सव या सामाजिक आयोजन की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है। इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है. सामूहिक सहभागिता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है.”। पर्यवेक्षक जादूगर विजय ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष है, क्योंकि इसमें शिशु वर्ग से लेकर वृद्ध तक विभिन्न आयु वर्ग के लोग प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि आयोजन की प्रेरणा संस्कार भारती से मिली है और इसके लिए संस्था के प्रति वे आज भी कृतज्ञ हैं।

कार्यक्रम को नंदलाल खादरिया, डॉ. राजन कल्याण सिंह, डॉ. विकास कुमार, राम प्रेम शंकर सिंह, रजनीकांत जायसवाल, लक्ष्मीकांत शाह, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव और बृजमोहन प्रसाद ने भी संबोधित किया.आयोजन की व्यवस्था में डॉ. राकेश तिवारी, लव कुमार साहू, सुनील कुमार, ओम प्रकाश शर्मा, विजय शंकर पांडे, नीरज शर्मा, चंद्रमा चंद्रही, सरोज सोनी, धीरज श्रीवास्तव सहित कई सदस्य सक्रिय रहे।बच्चों की वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुति तथा शोभायात्रा आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा।

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