बिहार
प्रत्येक शनिवार सैकड़ो जरुतमन्दों को भोजन कराते हैं योगिराज आर्यन गिरि
सचिन पर्वत, पटना -: आपाधापी के दौर में जहां लोग दिन रात एक ही बात सोंचते रहते हैं कि कैसे धनार्जन हो। वर्तमान अर्थ युग में भी एक युवा है जो समाजसेवा के माध्यम से भूखों को भोजन करा कर देश-विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।जी हाँ हम बात कर रहे हैं योगिराज आर्यन गिरि की जो विगत कई वर्षों से प्रत्येक शनिवार को बिहार की राजधानी पटना के सड़को पर रात के समय अपनी युवाओं की टीम के साथ भोजन का सैकड़ो पैकेट लेकर निकलते हैं और घूम घूम कर सड़क के किनारे जीवन यापन कर रहे गरीब जरुतमन्दों के बीच जाकर भोजन पैकेट वितरण करने का कार्य करते हैं।इसके लिए उन्होंने अपने एनजीओ जिओ फाउंडेशन के माध्यम से रोटी बैंक की स्थापना किया और प्रत्येक शनिवार को करीब 500 भोजन का पैकेट तैयार करवाते हैं और साथियों के साथ उसका वितरण करते हैं।यहाँ तक कि कोरोना के पहली दुसरी और तीसरी लहर में ये प्रतिदिन भोजन वितरण का कार्य करने का कार्य किया।इसी क्रम में शनिवार 24 सितंबर को भी जिओ फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित सहायतार्थ कार्यक्रम रोटी बैंक पटना के सक्रिय सदस्यों द्वारा सड़क के किनारे जीवन यापन कर रहे लगभग 300 से ज्यादा असहाय ,जरूरतमंद तक घूम घूम कर भोजन वितरण किया। बापू सभागार, ज्ञान होते हुए गांधी मैदान के एक नंबर गेट से लेकर गांधी मैदान गोलार्ध थाना, उद्योग भवन, शहीद चौक, एवं विश्वकर्मा मंदिर ,कृष्णा मेमोरियल हॉल होते हुए गोलार्ध सक्रिय सदस्यों ने जरूरतमंद मानव तक सेवा देने का कार्य किया। वहीं कार्यक्रम के संचालक समाजसेवी योगीराज आर्यन गिरि ने कहा समाज में निरंतर ट्रस्ट सेवा देने का कार्य कर रही है। युवाओं में समाज के प्रति मानव सेवा का जागरूकता युवाओं में निरंतर प्रशिक्षण देने की कार्य कर रही है युवाओं में मानव के प्रति मानव सेवा के लिए जोश भरने की कार्य कर रही है। सरकार को ऐसे ट्रस्ट ऊपर सोचनी चाहिए। ताकि मानव सेवा की कार्य की रफ्तार में वृद्धि हो। वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी सहकारिता मंच बीजेपी प्रवक्ता संजीव करण ने पत्रकारों से कहा यह ट्रस्ट वर्षों से मैं अपने आंखों से देखते आ रहा हूं। लॉकडाउन मैं भी इन लोगों ने बहुत सराहनीय योगदान दिया है।समाज कल्याण विभाग एवं श्रम मंत्रालय से इस तरह की ट्रस्ट को आर्थिक योगदान मुहैया करानी चाहिए। ताकि मानव सेवा की कार्य की रफ्तार में वृद्धि हो।सरकार से मेरी गुजारिश है। इस तरीके की सेवा करने वाले ट्रस्टों को फंड मुहैया कराना चाहिए। ताकि सक्रिय संस्थाओं को चलाने वाले समाजसेवियों को मनोबल बढ़े। वही कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ अमितेश कुमार ने कहा मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इस मौके पर ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य सुनील कुमार यादव ,धीरज कुमार, अभिषेक, साकेत सुमन, किशोर कुमार कुमार अविनाश, अकाश कुमार, आदि कई युवा साथी मौजूद थे।
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पीएमश्री विद्यालय धनवती में समर कैंप का आयोजन, कमजोर बच्चों को मुख्यधारा में लाने की अनूठी पहल
लोकतंत्र न्यूज,सिवान (बिहार); – सदर प्रखंड के पीएमश्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय, धनवती में शैक्षणिक रूप से कमजोर बच्चों (Slow Learners) के लर्निंग गैप को कम करने और उन्हें सामान्य बच्चों की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर समर कैंप का आयोजन किया गया है।
इस कैम्प में बच्चों को रटने की पारंपरिक पद्धति से अलग रोचक खेल, बेसिक गणित, भाषा ज्ञान (हिंदी/अंग्रेजी पढ़ना-लिखना), और रचनात्मक गतिविधियों(Drawing/Crafts)के माध्यम से सिखाया जा रहा है।
समर कैम्प का लक्ष्य गर्मी की छुट्टियों का सही उपयोग कर बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर करना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है।
प्रधानाध्यापक श्री उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि
कमजोर बच्चों की पढ़ाई सुधारने के बिहार के सरकारी स्कूलों में ‘मिशन लर्निंग’ अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों (Middle Schools) में पढ़ने वाले कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा तपती गर्मी और छुट्टियों के बीच, बच्चों की पढ़ाई को मजेदार और मजबूत बनाने के लिए राज्य में 1 जून से 30 जून 2026 तक एक महीने का विशेष ‘समर कैंप’ (Summer Camp) आयोजन किया गया है।

इस समर कैंप का मुख्य फोकस कक्षा 5 और 6 के उन बच्चों पर होगा,जो पढ़ाई-लिखाई या गणित में अपने सहपाठियों से पीछे छूट गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस ‘समर कैंप मास्टर प्लान’ की 5 सबसे मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- FLN के तहत चिन्हित कमजोर बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
बुनियादी सुधार ; इस कैंप का मुख्य उद्देश्य फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) कार्यक्रम के तहत चिन्हित किए गए कमजोर बच्चों की नींव मजबूत करना है।
सीखने का नया अंदाज ; पारंपरिक किताबी रटने के बजाय, बच्चों को खेल-कूद, विशेष गतिविधियों (Activity-based learning), चित्रकारी और व्यावहारिक तरीकों से पढ़ना, लिखना और बुनियादी गणित की समझ (Maths Skills) विकसित करना सिखाया जाएगा। इससे नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले कमजोर छात्र भी मुख्यधारा की पढ़ाई से जुड़ सकेंगे।
- हर स्कूल में पढ़ाएंगे स्थानीय ‘स्वयंसेवक’ और ‘टोला सहायक’
कम्युनिटी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने एक अनूठा फॉर्मूला निकाला है:
सभी मध्य विद्यालयों (Middle Schools) के प्रधानाध्यापकों (HM) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्कूल के पोषक क्षेत्र (Local Area) से 2 से 3 स्थानीय स्वयंसेवकों (Volunteers) या टोला सहायकों का चयन कर पूरे महीने कैंप में बच्चों को गाइड करेंगे और उन्हें सिखाने में शिक्षकों का सहयोग करेंगे, जिससे बच्चों को एक दोस्ताना और बेहतर घरेलू माहौल मिल सके।
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बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर रामजी की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन
लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- भारत रत्न डॉ भीमराव रामजी आबेडकर जी की 135 वीं जयंती के अवसर पर अम्बेडकर भवन सिवान के संवाद कक्ष में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।विचार गोष्ठी के अवसर पर जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक सहित अन्य गणमान्य ने अंबेडकर भवन में अवस्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने विचारों को रखा।

बिहार
तेल एवं प्राकृतिक गैस (LPG) से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु सिवान में खुला नियंत्रण कक्ष
लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- तेल एवं प्राकृतिक गैस (LPG) की उत्पन्न समस्याओं के मद्देनजर आमजन को होने वाली कठिनाईयों के निदान हेतु खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त निदेश के आलोक में सिवान जिलान्तर्गत एक नियंत्रण कक्ष (Control Room) की स्थापना की गई है जो प्रतिदिन 07:00 बजे पूर्वाह्न से 09:00 बजे अपराह्न तक कार्य करेगा।उक्त अवधि में आमजन अपनी समस्याओं या हो रही कठिनाईयों से उक्त नियंत्रण कक्ष (Control Room) के दूरभाष संख्याः 06154-24200/06154-242001 पर शिकायत कर सकते हैं।
जिला में घरेलु उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है, अनावश्यक भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें –
इस संबंध में जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गैस बुकिंग दर्ज होने के पश्चात दो से तीन दिनों के भीतर घरेलु गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूर्व की भांति घर पर सुनिश्चित की जा रही है।उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों / गोदामों के पास भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है।गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्र में घरेलु उपभोक्ताओं के अंतिम गैस सिलेंडरों की डिलिवरी के 25 दिनों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलु उपभोक्ताओं के अंतिम गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 45 दिनों के बाद गैस सिलेंडर की बुकिंग की अनुमति है।

