बिहार
अनसंग हीरो – सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’
सोशल मीडिया डेस्क – : लगभग महीने भर पुरानी बात है, झारखंड के पलामू से मुसहरों के एक पूरे टोले को मार कर खदेड़ दिया गया। शाम के समय पचास लोग आए, उन्हें जबरन ट्रकों पर बैठाया और ले जा कर दूर जंगल में छोड़ दिया। सैकड़ों साल से निश्चिन्त रह रहे पचास परिवार के लोग एक झटके में बेघर हो गए। उन्हें भगाने के पीछे बात बस इतनी सी थी कि उनके पड़ोसियों को कब्रिस्तान बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता थी, सो भगा दिया।
सरकारें देखती रह गईं, अफसर अपने ऑफिसों में दुबके रहे। “जय भीम जय मीम” के नारे के बल पर देश जीतने निकले लोगों ने निर्लज्ज चुप्पी साध ली। मीम के आतंक पर भीम के दीवाने यूँ भी मुँह नहीं खोलते, क्योंकि उन्हें व्यक्ति की नहीं धंधे की चिंता होती है। लोग उजड़ रहे हैं तो उजडें, पर नारे कमजोर नहीं पड़ने चाहिये।
मूलनिवासी आंदोलन के योद्धा घरों में दुबके रहे, दलित साहित्य के कलमबाजों की कलम नपुंशक बनी रही, और उन गरीबों को दुबारा उनके घर छोड़ने गयी झारखंड पुलिस को मोदी राज में डरे सहमे अल्पसंख्यकों ने मार मार कर खदेड़ दिया।
फेसबुक पर हिंदुत्व के स्वघोषित झंडाबरदार उन दिनों घर बैठे बैठे शंकराचार्य की योग्यता के बहाने एक दूसरे को गाली देने के बहाने गढ़ रहे थे, तो कुछ हिंदुत्व के कुर्ते के ऊपर जाति की बनियान पहने तलवार भांजने में व्यस्त थे।
इस विपरीत परिस्थिति में उन सैकड़ों बेघरों के साथ केवल एक व्यक्ति खड़ा रहा, भैरव सिंह। न कोई सरकारी सहयोग, न किसी संस्था की सहायता, भैरव सिंह अपने व्यक्तिगत संसाधनों के बल पर उन निरीह हिन्दुओं के लिए लड़ता रहा, उनके लिए भोजन, वस्त्र और तिरपाल की व्यवस्था करता रहा।
भैरव सिंह को कुछ महीने पहले सोशल मीडिया से ही जानता हूँ। झारखंड के उस इलाके में जहां रोज ही किसी अंकिता को लूट या मार दिया जाता है, यह आदमी अकेला लड़ता रहता है। भैरव सिंह न कोई जमींदार हैं, न ही अरबपति व्यवसायी हैं, पर हृदय में धर्म है और लड़ने का साहस है, तो वे उतना कर जाते हैं जितना बड़ी से बड़ी संस्थाएं नहीं कर पातीं।
एक छोटा सा उदाहरण जान लीजिये, पिछले दो तीन वर्षों में ही लव-जेहाद के चंगुल में फँसी हजार से अधिक लड़कियों को कट कर सूटकेस में जाने से बचाया है उन लोगों ने… मूलनिवासियों के लिए बात बात पर छाती से उतर आते दूध से अपना आँचल भीगो लेने वाले फर्जी नारेबाजों के हाथ जिन पीड़ित वनवासियों की सहायता के लिए नहीं पहुँचते, वहाँ भैरव के हाथ पहुँचते हैं। निःस्वार्थ, निर्भीक… पिछले दो चार वर्षों से उस क्षेत्र की हर पीड़ा में वह व्यक्ति खड़ा दिखा है। चंद सिक्कों और अनाज के बदले गरीब वनवासियों का धर्म छिनने वाले धूर्तों के आगे खड़ी मजबूत दीवाल का नाम है भैरव सिंह।
भैरव के नाम में लगे ‘सिंह’ में लोग उसकी जाति तलाशें तो वह राजपूत, ओबीसी या अनुसूचित जाति कुछ भी हो सकता है, पर उसे जानने वाले जानते हैं कि वह मानवता के लिए लड़ रहा एक गर्वोंमत्त हिन्दू है। यही उसकी प्राथमिक और अंतिम पहचान है।
उस क्षेत्र से दूर अपनी गृहस्थी में फँसे हम जैसे सामान्य लोग उनकी क्या ही सहायता कर सकते हैं, बस यह प्रार्थना कर सकते हैं कि धर्म उन्हें शक्ति दे! वे यशश्वी हों, विजयी हों… इतिहास ऐसे ही लड़ाकों को याद रखता है।
पोस्ट सन्दर्भ-
सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ जी, गोपालगंज, बिहार
के फेसबुक पोस्ट से साभार💐
Politics
समृद्ध बिहार के संकल्प को जनभागीदारी एवं सुशासन के माध्यम से किया जायेगा साकार : सम्राट चौधरी
लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीमंगलवार को सीवान में आयोजित सहयोग शिविर में सिवान पहुँचे जहां उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा,योजनाओं का शिलान्यास उद्घाटन करने के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
इस दौरान आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा दिया गया।माननीय मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख आवेदनों का निष्पादन कर लगभग 90 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। इस अवसर पर सीवान जिले के विकास को नई गति देने के लिए ₹180 करोड़ की लागत वाली 38 योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, दलितों, किसानों, युवाओं एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर 25 लाख दलित परिवारों के घरों पर सोलर बिजली लगाने, वर्ष 2030 तक 1 करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने, सीवान में चीनी मिल की स्थापना तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने संबंधी अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।उन्होंने विश्वास दिलाते हुए बताया कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को जनभागीदारी एवं सुशासन के माध्यम से साकार किया जाएगा।

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नगरीय प्रशासन की चुनौतियों के संदर्भ में समाहरणालय सिवान के सभागार में परिचर्चा
लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- सदर विधायक सह- अध्यक्ष प्राक्कलन समिति श्री मंगल पांडे की अध्यक्षता में नगरीय प्रशासन की चुनौतियों के संदर्भ में समाहरणालय सिवान के सभागार में मंगलवार को एक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय के द्वारा बताया गया की नगर परिषद सिवान क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है।विदित है कि नगर परिषद सिवान की स्थापना वर्ष 1924 में की गई थी। जिसका उद्देश्य नगर क्षेत्र के सुव्यवस्थित विकास एवं नागरिक सुविधाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना है। नगर परिषद बिहार सरकार के अधीन एक स्वायत्त शहरी निकाय है, जो नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने शहरी संरचना के विकास तथा सतत नगरीकरण को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्यरत है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि नगर परिषद सिवान में पारदर्शी शहरी शासन, नागरिक केंद्रित सेवाएं, सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं डिजिटल प्रशासन की तरफ तेजी से कार्य किया जा रहा है। पूर्व की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से मानव बल प्राप्त कर 16 फरवरी 2026 से दिन और रात में सफाई का कार्य किया जा रहा है। सफाई कार्य हेतु नए ट्रैक्टर, जेसीबी, ट्राई साइकिल, व्हील बैयरो का क्रय किया गया है। नालों और कलवर्ट की सफाई हेतु सक्शन एवं जेटिंग मशीन का बीड किया गया है। शहर बाहरी क्षेत्रों में कदम के निस्तारण हेतु कूड़े का आकलन किया जा रहा है। बताया गया कि सिवान नगर क्षेत्र में प्रतिदिन 130 टन कूड़ा का उत्सर्जन होता है।बर्तमान में सिवान अंतर्गत हुसैनगंज अंचल के मौजा प्रतापपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र निर्माण हेतु सरकारी भूमि का चयन कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जिला पदाधिकारी के द्वारा दिया गया है।बताया कि कचरा संग्रहण के तहत स्वच्छता कर्मियों के द्वारा प्रतिदिन पूर्वाह्न 6:00 बजे से 10:00 बजे तक एवं अपराह्न 2:00 बजे से 5:00 बजे तक प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा एकत्रित किया जाता है।बताया कि आंतरिक संसाधनों से अपेक्षित एवं समुचित राजस्व का संग्रहण न होने के कारण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।पूर्व की अनियमितता को दूर करने के उद्देश्य से बैंक खाते के माध्यम से वेतन, मानदेय एवं पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है।

अन्य प्रकार की राशियों को भी नियमानुसार जमा करवाया जा रहा है।सिवान की जीवन रेखा मानी जाने वाली दाहा नदी के सौंदर्यीकरण एवं कायाकल्प के लिए जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा विशेष पहल की जा रही है। नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने, अतिक्रमण हटाने और घाटों के विकास एवं जीणोद्धार के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।शहरी सुविधा क़ो उपलब्ध कराने हेतु सड़क और नाली निर्माण करवाया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ।व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए ट्रेड लाइसेंस जारी किया जा रहा है। रेन बसेरा का संचालन किया जा रहा है।सिवान के कंधवारा में दाहा नदी के पूर्वी छोर पर स्थित मुक्तिधाम में 8.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह बनाया गया है।परिचर्चा में नगर परिषद सिवान के सभापति, उपसभापति कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद सिवान एवं अन्य सदस्य गणों ने हिस्सा लिया।
Sports
राज्य स्तरीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में सीवान जिला की टीम ने 2 स्वर्ण सहित जीता सात पदक
लोकतंत्र न्यूज,कैमूर (बिहार );- भभुआ में आयोजित तीन दिवसीय (5-7 जून) 37 वीं बिहार राज्य ताईक्वांडो प्रतियोगिता में सिवान जिला की टीम ने 2 स्वर्ण, 2 रजत व 3 कांस्य पदक सहित कुल 7 पदक जीता है।प्रतियोगिता में सिवान जिला संघ से 7 खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा दिखाई।

उक्त जानकारी देते हुए राष्ट्रीय रेफरी व जिला सचिव डॉ सुनील कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी आगामी होने वाले राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए चयनित हो गए है।उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग में अक्षरा व सीनियर वर्ग में घनिष्ठा कुमारी ने रजत पदक जीता हैl वही सीनियर वर्ग में ज्योति कुमारी ने स्वर्ण पदक एवं 54 किलो वर्ग में सृष्टि कुमारी ने स्वर्ण पदक बाक़ी शेष तीन खिलाड़ियों ने कांष्य पदक जीत सिवान जिले का मान बढ़ाया।

इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सोनू कुमार एवं संरक्षक आज़म अली एवं मीडिया प्रभारी सचिन कुमार पर्वत ने विजेता खिलाड़ियों को शुभकानाएँ देते हुए और आगे बढ़ने व राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिला व राज्य का नाम रौशन करने की कामना की।

