अंतरराष्ट्रीय
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित
10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयानंद आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अस्पताल परिसर स्थित योगा हाल में योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आए हुए अतिथियों महाविद्यालय के शासी निकाय के सचिव रामानंद पांडेय, पूर्व प्राचार्य डॉ प्रजापति त्रिपाठी, डॉ मधुसूदन, मोहन शर्मा एवं प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी के द्वारा दीप जलाकर एवं भगवान धन्वंतरि के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया गया। योगाभ्यास शिविर में आए हुए शहर के गणमान्य व्यक्तियों एवं महाविद्यालय तथा अस्पताल के शिक्षको, चिकित्सको ,कर्मचारियों को महाविद्यालय के योगाचार्य डॉ अखिलेश्वर तिवारी ने योग के आसनों का अभ्यास कराया। योगाभ्यास के दौरान योग के आसनों का प्रदर्शन महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राओं डॉ आनंदी, डॉ माधवी, डॉ जया, डॉ राहुल, प्रशांत ने किया। योगाभ्यास शिविर में आए हुए महिला एवं पुरुषों के स्वस्थ रहने की कामना करते हुए महाविद्यालय के सचिव रामानंद पांडे ने कहा कि आज के युग में योग हर व्यक्ति की जरूरत बन गई और योग के द्वारा ही सभी व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। पूर्व प्राचार्य डॉ प्रजापति त्रिपाठी ने आए हुए महिला पुरुषों के सफल स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि आज के भाग दौड़ वाली जिंदगी में करें योग रहे निरोग का नारा सही चरितार्थ होताहै। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने कहा कि योग की शुरुआत सृष्टि के आरंभ से ही है लेकिन योग के उपर बृहद अनुसंधान महर्षि पतंजलि के द्वारा किया गया। बीच के काल में एक तरह से योग को भूला ही दिया गया था लेकिन भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा एक अच्छी पहल की गई जिसके चलते 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का दर्जा मिला। आज के युग में योग के प्रचार प्रसार के लिए स्वामी रामदेव का भी योगदान भुलाया नहीं जा सकता। योग करने से शारीरिक स्वास्थ्य लाभ के अलावा मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है। शरीर का हर अंग सही तरीके से कार्य करता है व्यक्ति के बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।इस अवसर पर भारत विकास परिषद के सदस्यों के साथ महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ राजा प्रसाद, प्रोफेसर डॉ उपेंद्र पर्वत, डॉ विजय गणेश यादव,डॉ दुर्गेश, डॉ शुभ नारायण तिवारी ,डॉ मनोज दुबे ,डॉ निभा, प्रकाश पांडेय अरुण पांडेय अश्वनी पाठक पंकज द्विवेदी मनोज तिवारी,आलोक जायसवाल, दीपक यादव ,अभिषेक, प्रकाश सिंह सहित सभी कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
Sports
रेलवे परिसर में हुआ योग शिविर का आयोजन रेल अधिकारी सहित सैकड़ो युवाओं ने किया योग
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क, सिवान-;विश्व योग दिवस पर बुधवार को सोसाइटी हेल्पर ग्रुप ट्रस्ट एवं रूट केयर फाउंडेशन द्वारा सिवान जंक्शन रेलवे परिसर में योग शिविर का किया आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व ट्रस्ट के प्रवक्ता चन्दन कुमार ने किया।
योग शिविर की का शुभारंभ रेलवे अधीक्षक अनंत कुमार के हाथों दीप प्रज्वलित कर कर की गई।
योग शिविर में आर पी एफ जी आर पी एफ के कई अधिकारी भी मौजूद रहे अनंत कुमार,संजय पांडेय ,अश्वनी कुमार,शैलेंद्र कुमार सहित कई अधिकारियों ने योग कर कार्यक्रम की काफी सराहना की।
योग गुरु मुकेश कुमार ने योग के साथ साथ बहुत सारे बातों को बताया जिसे जीवन मे हम सभी अपना अपने जीवन को बेहतर बना सकते है।
वही ट्रस्ट के संस्थापक सह अध्यक्ष अनमोल कु ने कहा कि योग हमारे जीवन के लिए बहुत ही जरुरी है हर रोगों का एक ही इलाज है वो है योग अगर हम नियमित रूप से योग करें तो हमारे शरीर को किसी प्रकार का रोग नहीं होगा।
मौके पे ट्रस्ट के सैकड़ो सदस्य मौजूद रहे और सभी ने योग का आनंद लिया।
Sports
फुटबॉल मैच के बाद समर्थकों के बीच हुए खूनी संघर्ष में 127 की मौत, सैकड़ो घायल
इंडोनेशिया -; इंडोनेशिया में एक फुटबॉल मैच के बाद हिंसा भड़क गई। फिर मची भगदड़ में 127 लोग मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि हारने वाली टीम के दर्शक भड़क गए और पिच पर हमला बोल दिया। पुलिस ने उपद्रवियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद भगदड़ मच गई और सैंकड़ों की संख्या में लोग मारे गए।
शनिवार रात पूर्वी जावा के मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में इंडोनेशियाई लीग बीआरआई लीगा 1 के एक फुटबॉल मैच के बाद हुई। पूर्वी जावा प्रांत में इंडोनेशिया के पुलिस प्रमुख, निको अफिंटा ने संवाददाताओं से कहा कि अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच के बाद हारने वाले पक्ष के समर्थकों द्वारा पिच पर हमला कर दिया गया। जिसके बाद अधिकारियों को हमलावरों को शांत करने के लिए आंसू गैस छोड़नी पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि कई लोगों की मौत दम घुटने की वजह से भी हुई है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो फुटेज में लोगों को मलंग में स्टेडियम की पिच पर दौड़ते हुए देखा जा सकता है। इस घटना में कम से कम 127 लोगों की मौत हो गई जबकि, 100 से अधिक लोग घायल हो गए।
अंतरराष्ट्रीय
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर अरबों डॉलर का जालसाजी करने वाला गिरफ्तार, हो सकती है 40,000 वर्ष से ज्यादा की जेल
तुर्की में बीते दिनों एक Cryptocurrency स्कैमर की गिरफ्तारी हुई है, जो अरबों डॉलर की रकम के साथ फरार था। रिपोर्ट्स की मानें तो उसे 40,000 साल से ज्यादा तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है।क्रिप्टोकरेंसी के चर्चा में आते ही इससे जुड़े स्कैम भी शुरू हो गए और ढेरों यूजर्स इनका शिकार बन चुके हैं। ऐसे स्कैम करने वालों को कितनी सजा मिल सकती है, यह जानकर शायद आप हैरान रह जाएं। तुर्की में गिरफ्तार किए गए एक क्रिप्टो स्कैमर को 40,000 साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई जा सकती है। फारुक फतेह ओजन नाम के इस क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज फाउंडर को बीते दिनों गिरफ्तार किया गया है।डिजिटल ट्रेंड्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि फारुक फतेह ओजर ने साल 2017 में थोडेक्स (Thodex) नाम से तुर्की क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी की शुरुआत की थी। फारुक दो अरब डॉलर (करीब 159.4 अरब रुपये) से ज्यादा की रकम के साथ स्कैम करके पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से फरार था। रिपोर्ट की मानें तो इसके लिए उसे 40,564 साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है।थोडेक्स क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी में निवेश करने वालों की संख्या सात लाख के करीब बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की की करेंसी में आ रही गिरावट के चलते ढेरों नागरिकों ने क्रिप्टो में निवेश किया, जिसका फायदा थोडेक्स को मिला। शुरुआत के कुछ साल बाद ही यह कंपनी सारी रकम के साथ गायब हो गई और इसने अपने क्रिप्टो से जुड़े सभी काम रोक दिए, जिसके बाद कानूनी एजेंसियों ने इसपर नकेल कसने की शुरुआत की।साल 2021 में थोडेक्स ने अचानक क्रिप्टो ट्रेडिंग बंद कर दी और दावा किया कि एक बाहरी निवेश के चलते उसे करीब पांच दिन के लिए काम बंद करना पड़ा। इसके बाद फारुक ने दावा किया कि कंपनी को पूरी तरह ट्रेडिंग बंद करनी होगी और साइबर अटैक से जुड़े खतरों को इसकी वजह बताया। उन्होंने दावा किया कि यूजर्स के फंड्स सुरक्षित रहेंगे, लेकिन ना सिर्फ यूजर्स से उनका अकाउंट ऐक्सेस ले लिया गया, बल्कि उनके फंड्स भी गायब कर दिए गए।तुर्की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया था, लेकिन फारुक भागकर अलबेनिया में छुप गया था। आरोप था कि वह अपने निवेशकों और यूजर्स के फंड्स से दो अरब डॉलर की रकम लेकर भागा है। करीब एक साल बाद बीते दिनों उसे अलबेनिया के वलोर शहर से गिरफ्तार किया गया है और उसकी पहचान की पुष्टि हुई है। थोडेक्स के दूसरे कर्मचारियों के साथ उसके खिलाफ चल रहे मामलों पर भी अब तुर्की में सुनवाई होगी।