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विपक्ष में फूट, मल्लिकार्जुन खड़गे की रणनीति बैठक से टीएमसी,आप गायब
सचिन पर्वत गोस्वामी, नेशल डेस्क, नई दिल्ली, भाजपा नीत एनडीए सरकार अर्थात मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की गोलबंदी में दरार दिखाई पड़ता दिख रहा है।इसकी झलक मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ से बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में देखने को मिली जिसमें डीएमके, आरजेडी, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, शिवसेना, आरएलडी, एमडीएमके, आईयूएमएल, आरएसपी और एनसी शामिल हुई थीं। जबकि, इस बैठक से आप और टीएमसी गायब रही।एक तरफ जहां राज्यसभा और लोकसभा से बड़ी संख्या में सांसदों के निलंबन का मुद्दा गर्माया हुआ है तो वहीं दुसरी तरफ विपक्षी दलों के बीच भी खटास दिखाई दे रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि निलंबन प्रक्रिया को देखते हुए फ्लोर रणनीति तय करने के लिए विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाई गई थी,हालांकि इसमें दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में सरकार चला रही तृणमूल कांग्रेस ने दूरी बना ली।जिसे विपक्षी एकता को बड़ा झटका के रूप में देखा जा रहा है।गौरतलब है कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों की तरफ से आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी टीएमसी सांसदों ने भाग नहीं लिया। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, टीएमसी सांसदों ने तख्तियां दिखाकर और नारेबाजी कर अलग से विरोध प्रदर्शन किया, जिससे विपक्षी खेमे में फूट के संकेत मिले।विपक्षी दलों के खासकर आप व टीएमसी की इस बेरुखी से आहत खड़गे ने कहा, ‘हमारा काम सभी को बुलाना है। देखते हैं कि कौन आएगा और कौन नहीं आएगा। अगर उनके पास अलग एजेंडा है तो यह अलग बात है।मेरा काम यह सुनिश्चित करना है कि हम सभी साथ आयें और एकजुट होकर लड़ें। गिनती नहीं… आप लोगों के मुद्दों को कैसे उठा रहे हैं… और वे कैसे विपक्षी दलों के खिलाफ काम कर रहे हैं… यह जरूरी है।’
ज्ञात हो कि मंगलवार को सदन की कार्यवाही बधित करने के कारण विपक्ष के 19 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था।ये सांसद कथित रूप से आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों में इजाफा होने पर तत्काल चर्चा के लिए जोर डाल रहे थे। वहीं, सोमवार को कथित दुर्व्यवहार के चलते लोकसभा से 4 कांग्रेस सांसदों को भी निलंबित कर दिया गया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि आप और टीएमसी के इस बेरुखी के बाद कांग्रेस क्या रुख अपनाती है।
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त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासम्मेलन में पंचायती राज मंत्री ने दिया हर सम्भव मदद का भरोसा
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क,सिवान ; -जिला मुखिया महासंघ सिवान द्वारा रविवार को शहर के टाउन हॉल में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता सिवान मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष अजय भास्कर चौहान एवं मंच का संचालन मुखिया राजकिशोर चौरसिया ने किया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थय एवं विधि मंत्री मंगल पाण्डेय,अतिथि पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश,सांसद विजयलक्ष्मी देवी दरौंदा विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ़ ब्यास सिंह,जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी,गोरियाकोठी विधायक देवेशकांत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।इस कार्यक्रम में जिले के सभी पंचायतों के मुखिया,सरपंच,पंचायत समिति सदस्य,वार्ड सदस्य एवं पंच उपस्थित रहे।विदित हो कि देश रत्न डा० राजेन्द्र प्रसाद की धरती पर लगभग 20 वर्षों में पहली बार इस तरह का आयोजन देखने को मिला जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंध रखने वाले जिला परिषद से लेकर वार्ड एवं पंच ने एकजुटता का परिचय देते हुए एक मंच पर एकत्रित होकर सरकार से विधि सम्मत जो पंचायती राज अधिनियम में ताकत निहित है उसको जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करने के लिए माँग रखा।मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष अजय भास्कर चौहान ने कार्यक्रम में शामिल मंत्रियों एवं सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी संगठन यानी जिला परिषद, प्रमुख संघ, सरपंच संघ, वार्ड संघ, पंच संघ, के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी मांगो को रखा।इसमें सुरक्षा देने व अपराधियों द्वारा हत्या कर दिए गये मुखिया व उनके प्रतिनिधियों के हत्यारों को फाँसी की सज़ा व मृतकों के आश्रितों को पचास लाख रूपये मुआवजा देने सहित जनप्रतिनिधियों को प्रदत अधिकारों को दिलाने से संबंधित विभिन्न मांगो वाले मांग पत्र को पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एवं स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पांडे को सौंपा।इस मौके पर पंचायती राज मंत्री दीपक कुमार ने जनप्रतिनिधियों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी जो मांग है उससे दो कदम आगे बढ़कर वे इसके क्रियान्वयन के लिए सरकार से बात करेंगे और विभागीय स्तर पर हर सम्भव कदम उठाएंगे।वहीं स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री ने जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को दूर करने के लिए हर सम्भव कदम उठाने का आश्वासन दिया। विधायक कर्णजीत सिंह ने भी मांग पत्र पर सरकार से गंभीरतापूर्वक विचार करने हेतु बात रखने का आश्वासन दिया।

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सिवान की जनता ने जो अद्वितीय विश्वास मुझ पर स्थापित किया है,उसे पूर्ण निष्ठा के साथ निभाने के लिए संकल्पित हुँ ; मंगल पाण्डेय
लोकतंत्र न्यूज़,सिवान;- सिवान सदर से नवनिर्वाचित विधायक सह बिहार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पाण्डेय ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरहन गोपाल व सुंदर पुर पंचायत में रविवार को जनता से संवाद किया।इस दौरान स्थानीय जनता व नेताओं ने मंत्री का भव्य स्वागत किया।जनता से संवाद करते हुए मंत्री मंगल पाण्डेय ने जनता से मिले अपार समर्थन और स्नेहिल आशीर्वाद के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि, “सिवान की जनता ने जो अद्वितीय विश्वास मुझ पर स्थापित किया है, वह मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसे मैं पूर्ण निष्ठा के साथ निभाने के लिए संकल्पित हूँ”। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी सहित अन्य भाजपा नेता कार्यकर्ता एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 B.N.S.S. के अंतर्गत सिवान डीएम ने लगाया निषेधाज्ञा
न्यायालय जिला दंडाधिकारी, सीवान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 B.N.S.S. के अंतर्गत निषेधाज्ञा* भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 की घोषणा के बाद इस न्यायालय के आदेश ज्ञापांक 289 मु०/विधि दिनांक 06.10.2025 द्वारा निषेधाज्ञा लागू की गई थी। दिनांक 04.11.2025 को 6.00 बजे अप० से चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। उसके बाद राजनैतिक प्रतिद्वंदिता एवं प्रतिस्पर्धा के कारण शस्त्र एवं शक्ति प्रदर्शन कर मतदाताओं को प्रभावित/आतंकित किये जाने तथा विधि-व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसके अतिरिक्ति मतदाताओं को डराने, धमकाने, जातीय, साम्प्रदायिक तथा धार्मिक विद्वेष की भावना फैलाने के लिये अवांछित/असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने के कारण विधि-व्यवस्था की समस्या हो सकती है। इसके कारण लोक शांति भंग हो सकती है।अतः उपर्युक्त पृष्ठभूमि में मैं, आदित्य प्रकाश, भा०प्र०से०, जिला दण्डाधिकारी, सीवान संतुष्ट हो कर इस न्यायालय के आदेश ज्ञापांक 289 मु०/विधि दिनांक 06.10.2025 द्वारा जारी निषेधाज्ञा को विलोपित करते हुए दिनांक 04.11.2025 को 6.00 बजे अप० से चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 B.N.S.S. में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण सीवान जिला के अन्तर्गत निम्नांकित आदेश जारी करता हूँ-1. उक्त अवधि में किसी भी व्यक्ति/राजनैतिक दल/संगठन के द्वारा राजनैतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाएगा।2. कोई भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल या संगठन किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो आदि अथवा किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक पर्चा, आलेख, फोटो आदि का प्रकाशन नहीं करेंगें। इस संबंध में किसी प्रकार का आपत्तिजनक, विधि विरुद्ध संदेश, व्हाटस ऐप या अन्य सोशल मीडिया, एस०एम०एस० अथवा अन्य ईलेक्ट्रॉनिक्स माध्यम से आदान-प्रदान नहीं करेंगे, जिससे चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन होता हो।3. कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग राजनैतिक प्रचार के लिए नहीं करेंगे एवं साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने का कार्य नहीं करेंगे।4. कोई भी व्यक्ति/राजनैतिक दल/संगठन/मतदाताओं को डराने-धमकाने एवं किसी भी प्रलोभन में लाने का प्रयास नहीं करेंगे।5. उक्त अवधि में एक स्थान पर 5 से अधिक व्यक्ति जमा नहीं होंगे।6. मतदान की तिथि दिनांक 06.11.2025 को प्रातः 6.00 बजे से संध्या 6.00 बजे तक राष्ट्रीय उच्च पथ/राजकीय उच्च पथ को छोड़कर अन्य सड़कों पर बिना परमिट वाले वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। मतदान केंद्र के अन्दर कोई भी अभ्यर्थी / राजनैतिक दलों के अंगरक्षक (जेड श्रेणी को छोड़करी की जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही कोई भी अभ्यर्थी द्वारा मतदान केंन्द्र के अन्दर मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
- कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गड़ासा एवं मानव शरीर के लिए घातक कोई भी हथियार का प्रदर्शन नहीं करेंगे।
(क) यह आदेश परम्परागत ढंग से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय, विधि-व्यवस्था एवं निर्वाचन कर्तव्य पर लगे दंडाधिकारी / निर्वाचन कर्मियों और पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
यह आदेश शादी, बारात पार्टी, शव यात्रा, हाट बाजार, अस्पताल में ले जा रहे मरीज के साथ जाने वाले व्यक्तियों, विद्युत संकटकालीन सेवा, मिल्क वाहन, दूरभाष सेवा, पानी टैंकरी एवं कर्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारी/पुलिस बल पर लागू नहीं होगा।
किसी भी राजनैतिक दल/व्यक्ति/संगठन के द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता के संदर्भ में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश के विपरीत कोई कार्य नहीं किया जायेगा।

