अंतरराष्ट्रीय
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर विजयहाता में हुआ योग उत्सव का आयोजन
सचिन पर्वत(सिवान);- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता में दो चरणों में योग उत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः 6 से 7 बजे तक विद्यालय के सभी भैया-बहनों तथा उनके अभिभावकों के लिए ऑनलाइन योग सत्र रखा गया था जिसमें भारी संख्या में भैया-बहनों के साथ ही अभिभावक भी शामिल हुए।विद्यालय के योग शिक्षक डॉ सुनील प्रसाद ने सबको योग का महत्व बताया और योगाभ्यास करवाया। पुनः 7.00 बजे से 8.15 तक विद्यालय के विशाल सभागार में कोविड प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन करते हुए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भारत माता पूजन के साथ-साथ योग शिविर का विशेष आयोजन किया गया। इसमें महावीरी के प्राचार्य सहित लगभग 48 आचार्य बंधु-भगिनी उपस्थित हुए। इस अवसर पर अपने संबोधन में विद्यालय के प्राचार्य, श्री वाणीकांत झा ने योग की महत्ता के साथ ही कोरोना काल में घरों में कैद भैया-बहनों एवं अभिभावकों पर पड़ रहे मानसिक दबाव एवं तनाव को दूर करने के लिए योग की उपादेयता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अपने विद्यालय में योग एवं शारीरिक को आरंभिक काल से ही पाठ्यक्रम में एक केंद्रीय विषय के रूप में रखा गया है। विद्यालय की ऑनलाइन शैक्षिक रुटीन में भी प्रतिदिन योगाभ्यास को शामिल रखा गया है। योगाचार्य डॉ सुनील ने सभी उपस्थित सज्जनों को आसन एवं प्राणायाम कराया। अंत में शांतिमंत्र द्वारा कार्यक्रम संपन्न हुआ।इस अवसर पर मनोज पाठक , सरोज मिश्र, प्रवीण चन्द्र मिश्र, सुनील सिंह, अमन पांडेय सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के मीडिया प्रमुख अखिलेश श्रीवास्तव ने उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम को पूर्णतः सफल एवं प्रेरक बताया।
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यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं ; अजीत भारती
राम मंदिर धर्म ध्वजा मंदिर जब टूटते हैं, तो केवल शिलाएँ, ध्वजा या प्रतिमाएँ खंडित नहीं होती, तोड़ने वालों का लक्ष्य मंदिरों में बसी सनातन आत्मा का भंजन होता है। उनकी सोच उस पवित्र देवालय को अदृश्य करने मात्र की नहीं होती, वरन एक-एक टूटता मंदिर, एक-एक जलता गाँव, एक-एक धर्मविमुख होता व्यक्ति उसी सोच के विस्तार को अवलम्ब देती सीढ़ियाँ होती हैं कि यदि आक्रांता लगा रहे, तो एक दिन सनातन के धरातली अर्थ का आध्यात्मिक लोप भी हो जाएगा। एक पुस्तक वालों ने हमारे पुस्तकालयों को जला कर यह सोचा कि हमारी सभ्यता या तो वो मिटा देंगे, या उनकी आने वाली पीढ़ियाँ। परंतु ऐसा हो नहीं पाया। हड्डियों में धँसे छर्रे हों या खोपड़ी में लगी सात-सात गोलियाँ, वो खंडित शिलाएँ, प्रतिमाओं के नोंचे टुकड़े, वायु में जलते पताकाओं के उड़ते धागे, अपने समय की प्रतीक्षा करते रहे कि कालचक्र घूमेगा और धर्मचक्र पुनर्स्थापित होगा। राम मंदिर के शिखर पर शोभायमान भगवा ध्वज एक मंदिर मात्र की पूर्णता नहीं बल्कि लाखों हिन्दुओं की टूटती साँसों, बिखरते विमर्श और धुँधली होती जाती आशा की राह पर खड़ा वह स्तंभ है, जो आज हमारा सामूहिक अवलम्ब बन चुका है। यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि हिन्दू था, हिन्दू है, और हिन्दू, ब्रह्मांडों की उत्पत्तियों और विनाशों के बाद हर बार पुनः आ जाएगा। मैंने पहले भी कहा था कि राम मंदिर के महत्व का अनुभव हमें वर्तमान में नहीं हो पाएगा क्योंकि हमें यह ‘एक और मंदिर परिसर’ की तरह बताया जाएगा।

(लेखक प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार हैं)

Politics
इंडि गठबंधन का बंद पूरी तरह विफल : श्यामबिहारी अग्रवाल
लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- इंडी गठबंधन द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को पूर्व मीडिया प्रभारी श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह से विफल बताते हुए, “कहा कि हमें लगता है कि यह बंद पूरी तरह से विफल रहा है और इसका कोई खास असर नहीं हुआ है”। इंडी गठबंधन के नेताओं ने अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लगता है कि जनता ने उनके आह्वान को नकार दिया है। हमें उम्मीद है कि इंडी गठबंधन के नेता इस विफलता से सीख लेंगे। हम बिहार की जनता के आभारी हैं जिन्होंने इस बंद को असफल बनाया है। हमें उम्मीद है कि आगे भी जनता का समर्थन और सहयोग एनडीए को मिलता रहेगा।
Sports
महिला योगा फाउंडेशन इस्कान ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को पंच मंदिरा पार्क में महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन के तत्वावधान में “संगिनी” की माताएं एवं बहनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया.जिसका उद्घाटन इस्कॉन से बलदायनी माताजी डॉक्टर प्रियमदा सिंह,महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन सिवान की प्रीति सर्राफ,प्रतिभा देवी,रश्मि गिरि,रुपल आनंद के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।जिसमें संगिनी की सभी माताए एवं बहनों ने योग के विभिन्न आसनों का योगाभ्यास कर योग कर स्वथ रहने का संकल्प लिया।इस मौके पर मोनिका रानी ,चंदा देवी ,संगीता देवी, रानी देवी, माला देवी,मालती देवी, मधु देवी ,आरती देवी, सुनीता देवी सहित सभी दर्जनों महिलायें मौजूद रहीं।




