बिहार
पुलिस अवर निरीक्षक की परीक्षा होगी कदाचार मुक्त- डीएम
लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क, सिवान-; आज दिनांक 14 दिसम्बर 2023 को जिला पदाधिकारी सिवान एवं पुलिस अधीक्षक, सिवान के प्रतिनिधि के रूप में पुलिस उपाधीक्षक, (मुख्यालय) सिवान के संयुक्त अध्यक्षता में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग, वि०सं०-02/2023 पुलिस अवर निरीक्षक के पदों पर नियुक्ति हेतु आयोजित प्रारम्भिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में कदाचार मुक्त संपन्न कराने को लेकर अम्बेदकर भवन सिवान के सभागार में सभी केन्द्राधीक्षक, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रिफिंग की गयी। जिसमें बताया गया कि दिनांक-17.12 2023 (रविवार) को जिले के 20 (बीस) परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में (प्रथम पाली-10:00 बजे पूर्वा0 से 12:00 बजे मध्याहन तक एवं द्वितीय पाली 02:30 बजे अपराहन से 04:30 बजे अपराहन तक) परीक्षा आयोजित की जानी है।

संयुक्त ब्रिफिंग के दौरान जिला पदाधिकारी सिवान के द्वारा बताया गया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संपन्न कराने के लिए परीक्षा केन्द्र पर स्टैटिक दण्डाधिकारी, जोनल दण्डाधिकारी, सुपर जोनल-सह-उड़नदस्ता दण्डाधिकारी सहित पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल एवं महिला सिपाही की प्रतिनियुक्ति की गयी है। जो परीक्षा तिथि को ससमय अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंच कर परीक्षा समाप्ति के उपरांत तक विधि व्यवस्था को संधारित करेंगे। सुपर जोनल-सह-उड़नदस्ता दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी सतत् भ्रमणशील रहकर परीक्षा को शांतिपूर्ण संचालन कराते हुए विधि व्यवस्था को संधारित करेंगे।
जिला पदाधिकारी सिवान ने कहा कि सभी दण्डाधिकारी एवं केन्द्राधीक्षक का यह दायित्व होगा कि वे परीक्षार्थियों के लिए सीट प्लान आयोग द्वारा निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। सभी परीक्षार्थियों को सीटिंग प्लान के अनुसार ही बैठाया जाए तथा यह ध्यान दिया जाए कि आयोग द्वारा बैठने की निर्धारित दूरी का उल्लंघन न होने पाए। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व तक ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जाना है तथा परीक्षा समाप्ति के पश्चात् संतुष्ट होने के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष छोडने की अनुमति दी जायेगी। बिना फोटो पहचान किए किसी भी परिक्षार्थी को मुख्य प्रवेश द्वार से अन्दर नहीं जाने दिया जाए। परीक्षा से संबद्ध सभी उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र ऑनलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराये गये है जो परीक्षा में बैठने के लिए मान्य है। परीक्षार्थियों के प्रवेश करने से पूर्व उनकी भौतिक रूप से जांच कर लेंगे की परीक्षार्थी के पास किसी भी प्रकार का कैलकुलेटर, मोबाईल फोन, ब्लूटूध उपकरण या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं हो। इसका दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे। बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम-1981 लागू है यदि कोई उम्मीदवार इस अधिनियम के किसी उपबंध का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो नियमानुसार उनके विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई की जायेगी और इसे केन्द्राधीक्षक सुनिश्चित करेंगे। अगर कोई परीक्षार्थी छद्म नाम से अथवा किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा है तो यह दंडनीय अपराध है। केन्द्राधीक्षक ऐसे सभी छद्म अभ्यर्थियों को स्थानीय थाना में स्टैटिक अथवा जोनल दण्डाधिकारी की सहायता से सुपूर्द करते हुए उनके विरूद्ध अपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायेंगे।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है जिसका नंबर 06154-242000 है। अनुमंडल पदाधिकारी को परीक्षा केन्द्र के 500 गज की परिधि में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू करने तथा परीक्षा केन्द्र के आसपास फोटोस्टेट की दुकानों को बंद कराने का निदेश दिया गया है।
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महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर,मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया गया
महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्स्व के रूप में शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया।सबसे पहले प्रातः काल में सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल कुमार राम जी की गरिमामयी सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भईया बहनों द्वारा माँ दुर्गा मन्दिर परिसर से पथ संचलन निकाला गया जो हथुआ मोड़ से गलामंडी होते हुए थाना चौक फलमंडी के रास्ते पुनः विद्यालय आकर सम्पन्न हुआ।पथ संचलन में शिशु मन्दिर महावीरपुरम सिवान के प्रधानाचार्य संकुल प्रमुख श्री कमलेश नारायण सिंह,स्थानीय प्रधानाचार्य श्रीमती सुनिता राय,अध्यक्ष श्री पंकज किशोर सिंह,कोषाध्यक्ष श्री विजय कुमार,बालिका विद्या मन्दिर सिवान की प्रधानाचार्या श्रीमती सिम्मी कुमारी,शिशु मंदिर हकाम की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन उपाध्याय,कोयलादेवा शिशु मन्दिर की प्रधानाचार्या श्रीमती रिंकू देवी एवं अन्य महावीरी विद्यालयों के आचार्य एवं आचार्य गण शामिल रहे।वहीं पथ संचलन को सफल बनाने में मीरगंज की पुलिस का सराहनीय सहयोग रहा।रंगोत्स्व का शुभारंभ मुख्य अतिथि मीरगंज नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अनीता देवी,पूर्व नगर अध्यक्ष श्रीमती मोहिता देवी,नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्री धनंजय यादव,स्वयंसेवक श्री रंजीत मिश्रा एवं सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल राम,शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री कमलेश नारायण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।मंच संचालन आचार्या वंदना शर्मा ने किया।वहीं कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान भी किया गया।इस अवसर पर श्री दिवाकर मिश्रा,धर्मेंद्र शाही,महावीरी विजयहाता के प्रधानाचार्य डॉ कुमार विजय रंजन,महावीरी बरहन गोपाल के प्रधानाचार्य श्री रविंद्र राय,विद्या मन्दिर बड़हरिया के प्रधानाचार्य श्री आलोक कुमार,शिशु मन्दिर के प्रधानाचार्य श्री उपेन्द्र कुमार मिश्र,निजी विद्यालय की प्राचार्य लवली राय,श्री वशिष्ठ सिंह नारायण,वरिष्ठ आचारया श्रीमती शिवानी कुमारी,बालिका विद्या मन्दिर की आचार्या प्रज्ञा द्विवेदी,श्री ठाकुर गुप्ता,स्थानीय विद्यालय की आचार्या सुरुचि वर्मा,सपना कुमारी,राजनंदनी सोनी तथा गूंजा कुमारी सहित विद्यालय अभिभावक एवं भैया बहन शामिल रहे।रंगोत्सव में विद्यालय के नन्हें मुने भईया बहनों ने पर्यावरण संरक्षण,कुटुम्ब प्रबोधन एवं सनातन वैवाहिक परम्परा की प्रेरणादायी तथा होली की मनमोहक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मन मोह लिया
बिहार
होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2026 में डॉ. अविनाश चंद्र का हुआ सम्मान
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क,पटना /सिवान:); – पटना में दिनांक 8 फरवरी को ए. एन. सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान, उत्तर गांधी मैदान, पटना में होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2026 का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न हुआ।इस अवसर पर सिवान के वरिष्ठ एवं प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अविनाश चंद्र को चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट, सतत एवं मानव कल्याणकारी योगदान के लिए गरिमामय रूप से सम्मानित किया गया।
यह गौरवपूर्ण सम्मान भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री डॉ. श्री राज भूषण चौधरी के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।इस गरिमामय आयोजन का उद्घाटन बिहार सरकार की माननीया मंत्री श्रीमती रमा निषाद(पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग) के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे समारोह को विशेष गौरव और प्रतिष्ठा प्राप्त हुई।सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वरिष्ठ, अनुभवी एवं प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सकों की गरिमामय उपस्थिति रही। उनके ज्ञानवर्धक विचारों, अनुभव-साझाकरण तथा शोधपरक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम के शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं वैचारिक स्तर को अत्यंत समृद्ध और सुदृढ़ बनाया।डॉ. अविनाश चंद्र को प्राप्त यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और सेवा-भावना का प्रतीक है, बल्कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के प्रति समाज के बढ़ते विश्वास और सम्मान का भी सशक्त प्रमाण है।

देश
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर , छपरा में अरुणोदय पत्रिका का हुआ विमोचन
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क,सारण ;- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर, छपरा में आज लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा प्रकाशित अरुणोदय पत्रिका का विमोचन विद्यालय के प्रधानाचार्य बिनोद कुमार के साथ विद्यालय के सभी आचार्य बंधु ,भगिनी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।इस अवसर पर प्रधानाचार्य बिनोद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अरुणोदय पत्रिका का प्रकाशन लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। यह पत्रिका सम्पूर्ण उत्तर बिहार प्रांत के विभिन्न सरस्वती शिशु/विद्या मंदिरों में संचालित शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का सजीव दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि यह पत्रिका विद्यार्थियों में संस्कार, सृजनशीलता, राष्ट्रबोध एवम् बौद्घिकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।पत्रिका में विविध कार्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियों, प्रेरणादायक लेखों, उपलब्धियों एवं तस्वीरों का समावेश किया गया है।उन्होंने आगे कहा कि इस पत्रिका के माध्यम से प्रांतीय अधिकारी, प्रधानाचार्य, आचार्य तथा भैया-बहन अपने विचार, अनुभव एवं रचनात्मक लेखन को अभिव्यक्त करते हैं, जिससे आचार्य बंधु, भगिनी एवं भैया बहनों के लिए एक शैक्षणिक मंच मिल जाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी आचार्यों ने लोक शिक्षा समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए पत्रिका को शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं भैया,बहनों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।इस कार्यक्रम में राजेश कुमार पाठक,राजेश कुमार,मीडिया प्रमुख अनिल कुमार आजाद,आशुतोष कुमार चौधरी, मणि भूषण सिन्हा,दर्शना सिंह,नीलू सिंह, ऋचा गुप्ता, गीतांजलि कुमारी,स्वाति सिंह अन्य आचार्य बंधु,भगिनी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

