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अंतरराष्ट्रीय

क्रिप्टो करेंसी के नाम पर अरबों डॉलर का जालसाजी करने वाला गिरफ्तार, हो सकती है 40,000 वर्ष से ज्यादा की जेल

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तुर्की में बीते दिनों एक Cryptocurrency स्कैमर की गिरफ्तारी हुई है, जो अरबों डॉलर की रकम के साथ फरार था। रिपोर्ट्स की मानें तो उसे 40,000 साल से ज्यादा तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है।क्रिप्टोकरेंसी के चर्चा में आते ही इससे जुड़े स्कैम भी शुरू हो गए और ढेरों यूजर्स इनका शिकार बन चुके हैं। ऐसे स्कैम करने वालों को कितनी सजा मिल सकती है, यह जानकर शायद आप हैरान रह जाएं। तुर्की में गिरफ्तार किए गए एक क्रिप्टो स्कैमर को 40,000 साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई जा सकती है। फारुक फतेह ओजन नाम के इस क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज फाउंडर को बीते दिनों गिरफ्तार किया गया है।डिजिटल ट्रेंड्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि फारुक फतेह ओजर ने साल 2017 में थोडेक्स (Thodex) नाम से तुर्की क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी की शुरुआत की थी। फारुक दो अरब डॉलर (करीब 159.4 अरब रुपये) से ज्यादा की रकम के साथ स्कैम करके पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से फरार था। रिपोर्ट की मानें तो इसके लिए उसे 40,564 साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है।थोडेक्स क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी में निवेश करने वालों की संख्या सात लाख के करीब बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की की करेंसी में आ रही गिरावट के चलते ढेरों नागरिकों ने क्रिप्टो में निवेश किया, जिसका फायदा थोडेक्स को मिला। शुरुआत के कुछ साल बाद ही यह कंपनी सारी रकम के साथ गायब हो गई और इसने अपने क्रिप्टो से जुड़े सभी काम रोक दिए, जिसके बाद कानूनी एजेंसियों ने इसपर नकेल कसने की शुरुआत की।साल 2021 में थोडेक्स ने अचानक क्रिप्टो ट्रेडिंग बंद कर दी और दावा किया कि एक बाहरी निवेश के चलते उसे करीब पांच दिन के लिए काम बंद करना पड़ा। इसके बाद फारुक ने दावा किया कि कंपनी को पूरी तरह ट्रेडिंग बंद करनी होगी और साइबर अटैक से जुड़े खतरों को इसकी वजह बताया। उन्होंने दावा किया कि यूजर्स के फंड्स सुरक्षित रहेंगे, लेकिन ना सिर्फ यूजर्स से उनका अकाउंट ऐक्सेस ले लिया गया, बल्कि उनके फंड्स भी गायब कर दिए गए।तुर्की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया था, लेकिन फारुक भागकर अलबेनिया में छुप गया था। आरोप था कि वह अपने निवेशकों और यूजर्स के फंड्स से दो अरब डॉलर की रकम लेकर भागा है। करीब एक साल बाद बीते दिनों उसे अलबेनिया के वलोर शहर से गिरफ्तार किया गया है और उसकी पहचान की पुष्टि हुई है। थोडेक्स के दूसरे कर्मचारियों के साथ उसके खिलाफ चल रहे मामलों पर भी अब तुर्की में सुनवाई होगी।

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यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं ; अजीत भारती

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राम मंदिर धर्म ध्वजा मंदिर जब टूटते हैं, तो केवल शिलाएँ, ध्वजा या प्रतिमाएँ खंडित नहीं होती, तोड़ने वालों का लक्ष्य मंदिरों में बसी सनातन आत्मा का भंजन होता है। उनकी सोच उस पवित्र देवालय को अदृश्य करने मात्र की नहीं होती, वरन एक-एक टूटता मंदिर, एक-एक जलता गाँव, एक-एक धर्मविमुख होता व्यक्ति उसी सोच के विस्तार को अवलम्ब देती सीढ़ियाँ होती हैं कि यदि आक्रांता लगा रहे, तो एक दिन सनातन के धरातली अर्थ का आध्यात्मिक लोप भी हो जाएगा। एक पुस्तक वालों ने हमारे पुस्तकालयों को जला कर यह सोचा कि हमारी सभ्यता या तो वो मिटा देंगे, या उनकी आने वाली पीढ़ियाँ। परंतु ऐसा हो नहीं पाया। हड्डियों में धँसे छर्रे हों या खोपड़ी में लगी सात-सात गोलियाँ, वो खंडित शिलाएँ, प्रतिमाओं के नोंचे टुकड़े, वायु में जलते पताकाओं के उड़ते धागे, अपने समय की प्रतीक्षा करते रहे कि कालचक्र घूमेगा और धर्मचक्र पुनर्स्थापित होगा। राम मंदिर के शिखर पर शोभायमान भगवा ध्वज एक मंदिर मात्र की पूर्णता नहीं बल्कि लाखों हिन्दुओं की टूटती साँसों, बिखरते विमर्श और धुँधली होती जाती आशा की राह पर खड़ा वह स्तंभ है, जो आज हमारा सामूहिक अवलम्ब बन चुका है। यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि हिन्दू था, हिन्दू है, और हिन्दू, ब्रह्मांडों की उत्पत्तियों और विनाशों के बाद हर बार पुनः आ जाएगा। मैंने पहले भी कहा था कि राम मंदिर के महत्व का अनुभव हमें वर्तमान में नहीं हो पाएगा क्योंकि हमें यह ‘एक और मंदिर परिसर’ की तरह बताया जाएगा।

(लेखक प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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Politics

इंडि गठबंधन का बंद पूरी तरह विफल : श्यामबिहारी अग्रवाल

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लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- इंडी गठबंधन द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को पूर्व मीडिया प्रभारी श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह से विफल बताते हुए, “कहा कि हमें लगता है कि यह बंद पूरी तरह से विफल रहा है और इसका कोई खास असर नहीं हुआ है”। इंडी गठबंधन के नेताओं ने अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लगता है कि जनता ने उनके आह्वान को नकार दिया है। हमें उम्मीद है कि इंडी गठबंधन के नेता इस विफलता से सीख लेंगे। हम बिहार की जनता के आभारी हैं जिन्होंने इस बंद को असफल बनाया है। हमें उम्मीद है कि आगे भी जनता का समर्थन और सहयोग एनडीए को मिलता रहेगा।

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Sports

महिला योगा फाउंडेशन इस्कान ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

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लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को पंच मंदिरा पार्क में महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन के तत्वावधान में “संगिनी” की माताएं एवं बहनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया.जिसका उद्घाटन इस्कॉन से बलदायनी माताजी डॉक्टर प्रियमदा सिंह,महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन सिवान की प्रीति सर्राफ,प्रतिभा देवी,रश्मि गिरि,रुपल आनंद के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।जिसमें संगिनी की सभी माताए एवं बहनों ने योग के विभिन्न आसनों का योगाभ्यास कर योग कर स्वथ रहने का संकल्प लिया।इस मौके पर मोनिका रानी ,चंदा देवी ,संगीता देवी, रानी देवी, माला देवी,मालती देवी, मधु देवी ,आरती देवी, सुनीता देवी सहित सभी दर्जनों महिलायें मौजूद रहीं।

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