अंतरराष्ट्रीय
इज़राइल और फलस्तीन को किसी भी एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिएः भारत
संयुक्त राष्ट्र : भारत ने कहा है कि इज़राइल-फलस्तीन मुद्दे का हल दोनों राष्ट्र मिलकर खुद ही कर सकते हैं और दोनों पक्षों को सीधी बातचीत के जरिए मुद्दे का समाधान करना चाहिए और इन मुद्दों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए ।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत के. नागराज नायडू ने ‘पश्चिम एशिया में स्थिति, जिसमें फलस्तीन का सवाल भी शामिल है’ पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि नई दिल्ली फलस्तीन के लिए और एक संप्रभु और स्वतंत्र फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना के प्रति अपना समर्थन दोहराता है जो शांति और सुरक्षा के साथ इज़राइल के साथ रहे।
उन्होंने कहा, “ हमारा दृढ़ता से मानना है कि सिर्फ ‘दो राष्ट्र समाधान’ से ही स्थायी शांति होगी जो इज़राइल और फलस्तीन के लोग चाहते हैं और उसके हकदार हैं। इसे अंतिम स्थिति के मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत के जरिए हासिल किया जाना चाहिए। इन अंतिम मुद्दों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए।“
नायडू ने रुकी हुई शांति वार्ता को पुनर्जीवित करने के लिए हालिया कूटनीतिक प्रयासों को उत्साहजनक करार दिया और कहा कि ‘क्वॉर्टेट’ (पश्चिम एशिया में शांति स्थापना के लिए लगी चार प्रमुख शक्तियां) के विशेष राजदूत की बैठकें समय पर हुई हैं। भारत ने ‘क्वॉर्टेट’ से इज़राइल और फलस्तीनी नेतृत्व के साथ बातचीत शुरु करने को कहा है।
नायडू ने कहा, “भारत उन सभी प्रयासों का स्वागत करता है, जिसका उद्देश्य अंतररष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करना है ताकि सीधी बातचीत फिर से शुरू हो और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।’’
पश्चिम एशिया में शांति के लिए विशेष समन्वयक और महासचिव के निजी प्रतिनिधि टूर वेन्नेसलैंड ने परिषद की बैठक में कहा कि वैश्विक समुदाय की तवज्जो पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने में मदद करने की है।
इस महीने के शुरू में अरब राष्ट्रों की लीग ने 1967 की सीमा पर आधारित स्वतंत्र और संप्रभु फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना को लेकर अपना समर्थन दोहराया था जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम बनाए जाने का पक्ष लिया था।
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यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं ; अजीत भारती
राम मंदिर धर्म ध्वजा मंदिर जब टूटते हैं, तो केवल शिलाएँ, ध्वजा या प्रतिमाएँ खंडित नहीं होती, तोड़ने वालों का लक्ष्य मंदिरों में बसी सनातन आत्मा का भंजन होता है। उनकी सोच उस पवित्र देवालय को अदृश्य करने मात्र की नहीं होती, वरन एक-एक टूटता मंदिर, एक-एक जलता गाँव, एक-एक धर्मविमुख होता व्यक्ति उसी सोच के विस्तार को अवलम्ब देती सीढ़ियाँ होती हैं कि यदि आक्रांता लगा रहे, तो एक दिन सनातन के धरातली अर्थ का आध्यात्मिक लोप भी हो जाएगा। एक पुस्तक वालों ने हमारे पुस्तकालयों को जला कर यह सोचा कि हमारी सभ्यता या तो वो मिटा देंगे, या उनकी आने वाली पीढ़ियाँ। परंतु ऐसा हो नहीं पाया। हड्डियों में धँसे छर्रे हों या खोपड़ी में लगी सात-सात गोलियाँ, वो खंडित शिलाएँ, प्रतिमाओं के नोंचे टुकड़े, वायु में जलते पताकाओं के उड़ते धागे, अपने समय की प्रतीक्षा करते रहे कि कालचक्र घूमेगा और धर्मचक्र पुनर्स्थापित होगा। राम मंदिर के शिखर पर शोभायमान भगवा ध्वज एक मंदिर मात्र की पूर्णता नहीं बल्कि लाखों हिन्दुओं की टूटती साँसों, बिखरते विमर्श और धुँधली होती जाती आशा की राह पर खड़ा वह स्तंभ है, जो आज हमारा सामूहिक अवलम्ब बन चुका है। यह धर्मध्वजा और मंदिर, कपड़े और पत्थर नहीं सनातन की गति, लहर और शाश्वत स्थायित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि हिन्दू था, हिन्दू है, और हिन्दू, ब्रह्मांडों की उत्पत्तियों और विनाशों के बाद हर बार पुनः आ जाएगा। मैंने पहले भी कहा था कि राम मंदिर के महत्व का अनुभव हमें वर्तमान में नहीं हो पाएगा क्योंकि हमें यह ‘एक और मंदिर परिसर’ की तरह बताया जाएगा।

(लेखक प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार हैं)

Politics
इंडि गठबंधन का बंद पूरी तरह विफल : श्यामबिहारी अग्रवाल
लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- इंडी गठबंधन द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को पूर्व मीडिया प्रभारी श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह से विफल बताते हुए, “कहा कि हमें लगता है कि यह बंद पूरी तरह से विफल रहा है और इसका कोई खास असर नहीं हुआ है”। इंडी गठबंधन के नेताओं ने अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लगता है कि जनता ने उनके आह्वान को नकार दिया है। हमें उम्मीद है कि इंडी गठबंधन के नेता इस विफलता से सीख लेंगे। हम बिहार की जनता के आभारी हैं जिन्होंने इस बंद को असफल बनाया है। हमें उम्मीद है कि आगे भी जनता का समर्थन और सहयोग एनडीए को मिलता रहेगा।
Sports
महिला योगा फाउंडेशन इस्कान ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ;- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को पंच मंदिरा पार्क में महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन के तत्वावधान में “संगिनी” की माताएं एवं बहनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया.जिसका उद्घाटन इस्कॉन से बलदायनी माताजी डॉक्टर प्रियमदा सिंह,महिला योग फाउंडेशन इस्कॉन सिवान की प्रीति सर्राफ,प्रतिभा देवी,रश्मि गिरि,रुपल आनंद के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।जिसमें संगिनी की सभी माताए एवं बहनों ने योग के विभिन्न आसनों का योगाभ्यास कर योग कर स्वथ रहने का संकल्प लिया।इस मौके पर मोनिका रानी ,चंदा देवी ,संगीता देवी, रानी देवी, माला देवी,मालती देवी, मधु देवी ,आरती देवी, सुनीता देवी सहित सभी दर्जनों महिलायें मौजूद रहीं।