Connect with us

बिहार

डॉ अंजू रंजन का साहित्य अपने समय और समाज से जुड़ने का अवसर देता है : सभापति

Published

on

पटना(13 जुलाई)!साहित्य जीवन में चिंतन का अवसर देता है तथा अपने समय और समाज को ठीक-ठीक जानने-समझने का नजरिया भी।प्रवासी लेखिका डॉ अंजू रंजन का साहित्य विदेशी भूमि पर अपने देश के प्रति गहरे प्यार का भाव अपने पाठकों में भरता है।ये कहना है बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का।वे आज परिषद के एनेक्सी सभागार में भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी और वरिष्ठ लेखिका डॉ अंजू रंजन के संस्मरण की पुस्तक “वो कागज़ की कश्ती” और कविता संग्रह “विस्थापन और यादें” का लोकार्पण करते हुए अपनी बात कह रहे थे। उक्त आयोजन साहित्यिक पत्रिका “नई धारा” एवं “थावे विद्यापीठ” के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। समारोह की अध्यक्षता नई धारा के संपादक डॉ शिवनारायण ने की।
परिषद के सभापति ने दोनों पुस्तकों की प्रशंसा करते हुए उसकी सौ सौ प्रतियों की परिषद द्वारा खरीद की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विस्थापन का दर्द डॉ अंजू रंजन की कविताओं में झलकता है,लेकिन विदेश सेवा में रहते हुए भी वह देश की बड़ी सेवा कर रही हैं।
कवि आलोक धनवा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि डॉ अंजू रंजन वैश्विक दृष्टि की लेखिका है।उन्हें अपने वतन,गांव- घर और मिट्टी से गहरे प्रेम है,जो उनकी कविताओं में झलकता है। युवा कवयित्री डॉ भावना शेखर ने कहा कि ‘वो कागज की कश्ती’ में लेखिका के छात्र जीवन से लेकर विदेश सेवा में चुने जाने तक की यादें हैं। जिसे बहुत खूबसूरत भाषा में लिखा गया है।
आरंभ में परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने लेखिका डॉ अंजू रंजन को शॉल,प्रतीक चिन्ह,पुष्पगुच्छ आदि अर्पित करते हुए उनका सम्मान किया। अन्य वक्ताओं में लेखिका के पति एवं लखनऊ के कमिश्नर रंजन कुमार,असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू कुमारी,दिलीप कुमार आदि ने भी समारोह को संबोधित करते हुए लेखिका के साहित्य-जीवन एवं लेखकीय संघर्ष पर प्रकाश डाला। बतौर विशिष्ट अतिथि विधान पार्षद डॉ संजय पासवान ने कहा कि डॉ अंजू रंजन और उनके पति वरिष्ठ आईएएस रंजन कुमार पटना की मिट्टी से उपजे हैं,जो अपने-अपने क्षेत्र में देश की सेवा कर रहे हैं।इनसे बिहार का गौरव बढ़ा है।इनकी किताबों का पटना में लोकार्पण होना बताता है कि ये अब भी अपने भीतर बिहार को जी रहे हैं।
अपने अध्यक्षीय भाषण में चर्चित कवि-समालोचक एवं नई धारा के संपादक डॉ शिवनारायण ने कहा कि डॉ अंजू रंजन के लेखन में अपने घर-परिवार और माटी की यादों का गुलदस्ता है,जिसकी भाषा-संस्कृति की खुशबू मन प्राणों को प्रभावित करती है। अनेक देशों में उच्चायुक्त रहने के कारण उनकी भाषाई दृष्टि काफी उन्नत हुई है।उनकी गवई संस्कृति की भाषा हर एक के मन को छूने वाली है,जो उनके लेखन की विशेषता है।
अंत में अपने लेखकीय उदगार व्यक्त करती हुई लेखिका डॉ अंजू रंजन ने अपनी रचना-प्रक्रिया एवं लेखकीय ऊर्जा हासिल करने के कारणों की रोचक रोचक दास्तान सुनाई।पुस्तक से कई कविताओं एवं संस्मरणों का पाठ भी उन्होंने किया।
इस सारस्वत समारोह का समापन थावे विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ पीएस दयाल जाति के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

जिला पदाधिकारी श्री विजय प्रकाश मीणा भा.प्रा.से. ने सीवान जिला का ग्रहण किया पदभार

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सीवान;- बुधवार 19 अगस्त 2026 को नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी, श्री विजय प्रकाश मीणा द्वारा जिला पदाधिकारी सीवान के रूप में पदभार ग्रहण किया।इसके उपरांत पत्रकारों को संबोधित करते हुए अपनी प्रथामिकताओं को सझा करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले में सुशासन, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन,विकास कार्यों में तेजी तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।उन्होंने जिले में विधि-व्यवस्था, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में सिवान जिलावासियों एवं मीडिया के प्रतिनिधियों से अपील किया की जिले में शांति व्यवस्था, भाईचारा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रहे साथ ही जिला प्रशासन द्वारा किए जाने वाले जनकल्याणकारी कार्यों में अपेक्षित सहयोग एवं समर्थन प्राप्त होता रहे।

Continue Reading

Sports

बिहार स्टेट गेम्स का ऐतिहासिक आगाज 5 सितंबर से पटना और राजगीर में

Published

on

-होंगे 22 खेलों के मुकाबले
-16 अगस्त से शुरू होगी मशाल यात्रा

27 जुलाई। बिहार में पहले स्टेट गेम्स का आयोजन पटना और राजगीर में 5 से 12 सितंबर तक होगा। बिहार ओलंपिक एसोसिएशन ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इसमें 22 खेलों का आयोजन होगा। इन्हीं खेलों के आधार पर अगले नेशनल गेम्स के लिए बिहार की टीमों का चयन किया जाएगा।
इन खेलों का आयोजन बिहार ओलंपिक संघ द्वारा और बिहार सरकार के सहयोग से किया जाएगा। इसमें दो अन्य खेलों की भी बढ़ोतरी की जा सकती है जिसके लिए खेल विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद घोषणा की जाएगी। यह खेल मॉडर्न पेंटाथलॉन और और लॉन बॉल्स हैं। राजगीर और पटना के अलावा निशानेबाज़ी के मुकाबले बिक्रम और कल्याण बिगहा के शूटिंग रेंज में होंगे।
बिहार ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पहली बार बिहार में इस तरह के खेलों का आयोजन किया जा रहा है।
वैसे स्टेट गेम्स 2026 का शुभारंभ 16 अगस्त को मशाल यात्रा से हो जाएगी। खेलों के पहले दिन 5 सितंबर को औपचारिक उद्घाटन समारोह और अंतिम दिन 12 सितंबर को समापन समारोह पटना में होगा ।
स्टेट गेम्स में लगभग 5000 महिला और पुरुष खिलाड़ियों के भाग लेने के अलावा 1000 अधिकारी और 1500 वालंटियर के हिस्सा लेने की संभावना है। इसमें टीम इवेंट में शीर्ष आठ टीमें भाग लेंगी जबकि व्यक्तिगत मुकाबले में शीर्ष आठ खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। स्टेट गेम्स के लिए धनराशि बिहार सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। पहले राज्य खेलों के लिए तिथियों और स्थानों की भी घोषणा कर दी गई है।
ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने इस प्रतिष्ठित आयोजन को साकार करने में सहयोग के लिए बिहार सरकार, खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण का आभार जताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओलंपिक संघ के सचिव प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष मुख्तार खान और विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

कार्यक्रम इस प्रकार हैं :

पटना में होने वाले खेल :

तीरंदाजी : 8-10 सितंबर- रेनबो ग्राउंड
एथलेटिक्स: 8-10 सितंबर- पाटलिपुत्र कॉम्प्लेक्स
बैडमिंटन : 8-11 सितंबर – सचिवालय स्पोर्ट्स क्लब
मुक्केबाजी : 7-10 सितंबर- खेल भवन
साइकिलिंग : 11-12 सितंबर-मेरिन ड्राइव
निशानेबाजी : 5-6 सितंबर – बिक्रम और कल्याण बिगहा
वुशू : 5-6 सितंबर – पाटलिपुत्र कॉम्प्लेक्स
योगासन : 8-9 सितंबर – पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
ताइक्वांडो : 11-12 सितंबर – पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

राजगीर में होने वाले मुकाबले :
(सभी खेल स्पोर्ट्स एकेडमी परिसर में)

हैंडबॉल : 7-10 सितंबर
हॉकी : 8-11 सितंबर
जूडो : 5-6 सितंबर
कबड्डी : 8-11 सितंबर
तैराकी : 6-9 सितंबर
टेबल टेनिस : 6-8 सितंबर
वालीबॉल : 7-10 सितंबर
भारोत्तोलन : 5-7 सितंबर
कुश्ती : 7-9 सितंबर
बास्केटबॉल : 9-12 सितंबर
तलवारबाजी : 6-7 सितंबर
रग्बी : 6-7 सितंबर
फुटबॉल : 9-12 सितंबर

Continue Reading

Politics

समृद्ध बिहार के संकल्प को जनभागीदारी एवं सुशासन के माध्यम से किया जायेगा साकार : सम्राट चौधरी

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीमंगलवार को सीवान में आयोजित सहयोग शिविर में सिवान पहुँचे जहां उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा,योजनाओं का शिलान्यास उद्घाटन करने के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

इस दौरान आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा दिया गया।माननीय मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख आवेदनों का निष्पादन कर लगभग 90 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। इस अवसर पर सीवान जिले के विकास को नई गति देने के लिए ₹180 करोड़ की लागत वाली 38 योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, दलितों, किसानों, युवाओं एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर 25 लाख दलित परिवारों के घरों पर सोलर बिजली लगाने, वर्ष 2030 तक 1 करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने, सीवान में चीनी मिल की स्थापना तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने संबंधी अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।उन्होंने विश्वास दिलाते हुए बताया कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को जनभागीदारी एवं सुशासन के माध्यम से साकार किया जाएगा।

Continue Reading

Trending