Connect with us

Uncategorized

जिन्दा लोगों के लिए जगह नहीं,मुर्दों के लिए विशाल भूखंड हैं दिल्ली में

Published

on


🟪🟪🟪🟪🟪🟪🟪🟪
दिल्ली भारत का अति प्राचीन शहर है । दिल्ली को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है — ( 1 ) पुरानी दिल्ली , ( 2 ) नयी दिल्ली , ( 3 ) छावनी दिल्ली और ( 4 ) बाहरी दिल्ली या दिल्ली देहात जिसमें दिल्ली के गांव हैं । वर्तमान में दिल्ली की जनसंख्या लगभग दो करोड़ है । समय – समय पर इसके अनेक नाम रहे हैं । महाभारत काल में इसे इंद्रप्रस्थ कहते थे । यह सदैव से ही विदेशी हमलावरों के निशाने पर रही है । कहते हैं कि दिल्ली सात बार उजड़ी है और सात बार बसी है । जिसने दिल्ली पर कब्जा किया वह हिन्दुस्तान पर भी कब्जा कर लेता था । अनेक बाहरी लोग यहाँ आकर बसे और फिर वे सदा के लिए दिल्ली के बनकर रह गए। इस लिए दिल्ली में खिचड़ी संस्कृति है । भारत के सभी प्रदेशों की झलक यहां देखने को मिल जाती है।
दिल्ली का अपना कोई निजी मौसम ( क्लाइमेट ) नहीं है । शिमला , श्रीनगर , नैनीताल में यदि बर्फबारी हो जाये तो दिल्ली ठंड से थर – थर कांपने लगती है । राजस्थान , हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आंधी चल पड़े तो दिल्ली के लोगों की आंखें धुंधिया जाती हैं । हिमाचल , पंजाब और हरियाणा में ज़ोरदार बारिश हो जाये तो दिल्ली बाढ़ की चपेट में आ जाती है।
दिल्ली में कृषि से इतनी पैदावार नहीं होती कि सभी दिल्लीवासियों का पेट भरा जा सके । पंजाब , हरियाणा , राजस्थान और उत्तर प्रदेश इसकी इस ज़रूरत को पूरा करते हैं । दिल्ली में अशोक होटल , मौर्य होटल , ओबेरॉय होटल जैसी शानदार बिल्डिंगें हैं वहीं दूसरी ओर 50 लाख लोग ऐसे हैं जो अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे हैं जहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है । इससे भी बुरी बात यह है कि दिल्ली में लाखों लोग खुले आसमान के नीचे सोते हैं । उनके सिर पर कोई आशियाना नहीं है । तभी तो मैंने अपने एक गीत में लिखा है :-
“लाखों – लाखों भवन बने हैं
वाह री दिल्ली !
फुटपाथों पे सोती फिर भी आधी दिल्ली !!”
जाड़े में हर साल अनेक लोग ठिठुरकर मर जाते हैं । यह दिल्ली की नंगी सच्चाई है।
वहीं दूसरी ओर मरे हुए राष्ट्रपतियों , प्रधानमंत्रियों , राजनीतिक दलों के नेताओं और जातीय नेताओं की समाधियों , मजारों और दरगाहों के लिए हज़ारों एकड़ भूमि आवंटित है या जबरन घेर रखी है । वहाँ लम्बे – चौड़े स्टाफ काम कर रहे हैं । रिसर्च सेंटर खुले हुए हैं । पुस्तकों के अनुवाद और प्रकाशन जारी हैं । बिल पर बिल बनाये जा रहे हैं । उन रिसर्च का आम आदमी को कोई फायदा नहीं है । रिसर्च भी करनी है तो एक – दो कमरों में कर लो लेकिन वहाँ तो बिल्डिंगों के साथ सैंकड़ों बीघाओं में खाली ग्राउण्ड पड़े हैं जिनका कोई रिहायशी उपयोग नहीं है । जीवन एक बार ही मिलता है , बार – बार नहीं । एक जीवन मिला और वह भी रोने – धोने में चला गया और एक मकान तक भी उपलब्ध नहीं हो सका तो फिर इस दुनिया में आने का फायदा ही क्या ? इससे तो अच्छा होता कि पैदा ही नहीं होते । ज़िंदगी मिली है तो एक घर भी मिलना चाहिए । सभी को घर – परिवार सहित जीने का हक़ होना चाहिये।
आखिर इस समस्या का समाधान क्या है ? समाधान सीधा – सच्चा है कि शासकीय और राजनीतिक नेताओं की समाधियां , मजारों और दरगाहों को दिल्ली में न बनाकर उनके जन्मस्थानों में बननी चाहिए। मान लो कोई नेता तमिलनाडु या अरूणाचल प्रदेश या उत्तर प्रदेश के किसी गांव का है तो उसके जन्मस्थान पर उसकी समाधि बने ताकि वहाँ के लोग उसे देख सकें और उस पर गर्व कर सकें । हर प्रदेश के लिए यही कसौटी होनी चाहिए । दिल्ली में उसकी समाधि या मजार बनाने से कोई फायदा नहीं है । दूसरा बिंदु यह है कि समाधियों , मजारों और दरगाहों को हटाकर उन ज़मीनों पर छोटे – छोटे बहुमंजिला रिहायशी फ्लैट बनाये जायें।आज़ादी के 70 – 75 सालों में यह हाल है और आगे तो बड़ा लम्बा समय पड़ा है , सैंकड़ों , हज़ारों , लाखों लोग मरते रहेंगे और हम उनके लिए समाधियाँ या कब्रें बनाते रहेंगे तो फिर एक दिन ऐसा भी आ सकता है कि दिल्ली के किसी जीवित व्यक्ति को रहने के लिए घर ही न मिले।
इस गम्भीर समस्या पर सरकार और समाज को गम्भीरतापूर्वक विचार करके समाधान खोजा जाना चाहिए ताकि दिल्ली में कोई व्यक्ति बेघर न रहे । हर हाथ के लिए काम , हर पेट के लिए रोटी और हर सिर के लिए एक छत का होना अत्यंत आवश्यक है।
पुरानी दिल्ली में ऐसी – ऐसी पतली गलियां और ऐसे – ऐसे सटे हुए घर भी हैं जहां ठीक से सूर्य की रौशनी पहुंचने नहीं पाती है । मैं एक बार दिल्ली की नई सड़क पर दरियां खरीदने के लिए चला गया । वहां सड़क पर बाहर ही दलाल ( एजेंट ) मिल जाते हैं । वे अपने दुकानदारों तक ग्राहकों को ले जाते हैं जिसके बदले में उनको कमीशन मिलता है । ऐसा ही दलाल मुझे मिल गया । वह मुझे अपने साथ एक पतली सी गली में ले गया । आगे चलकर गली और भी पतली होती चली गई । फिर वह सीढ़ियों से ऊपर की ओर ले गया । छत से छत तक वह मुझे पता नहीं कहां ले गया । फिर हम सीढ़ियों से नीचे गए । शायद वह कोई पुरानी हवेली थी । चारों ओर अंधेरा छाया हुआ था । वहीं एक मिट्टी के तेल की डिबिया जलाये हुए एक आदमी बैठा हुआ था जिसका परिचय मुझसे दुकानदार के रूप में कराया गया । वहां दरियां ही दरियां भरी पड़ी थीं । मेरा ध्यान दरियों को खरीदने से ज्यादा इस बात पर लगा हुआ था कि वहां से बाहर कैसे निकला जाये । मुझे इस बात का डर सता रहा था कि कहीं मुझे मारकर किसी तहखाने में न डाल दिया जाये । अतः मामूली सी खरीददारी करके मैं वहां से वापस बाहर आ सका । इतनी खतरनाक गलियां हैं । यदि कोई अपराधी कोई अपराध करके उन गलियों में छिप जाये तो पुलिस को उस तक पहुंचने में भारी दिक्कत आती है । सरकार को चाहिए कि ऐसे निवासियों को वहां से हटाकर नई काॅलोनियों में बसाना चाहिए।
दिल्ली में रहने की ऐसी जगह भी हैं जहां आदमी ठीक से पैर भी नहीं फैला सकता है और वहीं ऐसे – ऐसे प्लाॅट या बिल्डिंगें हैं जो कई बीघाओं में हैं लेकिन उनमें दो – चार इंसान रहते हैं क्योंकि उन परिवारों के बच्चे विदेशों में रहते हैं और बूढ़े मां – बाप उन फ्लैटों या बिल्डिंगों में रहते हैं । इतना अंतर सरासर ग़लत है । सभी परिवारों को निश्चित माप के एक जैसे घर या फ्लैट दिये जायें जहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों । दिल्ली को नये ढंग से बसाने की ज़रूरत है । वैसे अब दिल्ली में जो नई काॅलोनियों बसाई जा रही हैं उनमें इन सभी बातों का ध्यान रखा जा रहा है । प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जो मकान बनाए जा रहे हैं उनमें से हर मकान में शौचालय अवश्य बनाया जा रहा है क्योंकि यह मूलभूत ज़रूरत है।

★★ विचारक :- गिरिवर गिरि गोस्वामी निर्मोही , नयी दिल्ली, 9818461932

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Politics

नारी शक्ति के खिलाफ साजिश पर विधायक छोटी कुमारी का प्रेस कॉन्फ्रेंस,विपक्ष पर साधा निशाना

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सिवान;- नारी सशक्तिकरण से जुड़े विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है।इसी क्रम में छपरा की विधायक छोटी कुमारी ने बुधवार को परिसदन सिवान में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।विधायक छोटी कुमारी ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो सकता था, लेकिन विपक्ष की साजिश के चलते यह एक काले अध्याय के रूप में सामने आया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं पर सीधा आघात है।उन्होंने कहा कि संसद में जो कुछ हुआ, वह केवल एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों पर प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ में महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय को रोकने का काम किया। साथ ही विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।विधायक ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित अन्य दलों का महिलाओं के प्रति रवैया हमेशा से नकारात्मक रहा है। वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया, लेकिन उन्हें वास्तविक अधिकार देने की गंभीर कोशिश नहीं की गई।प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विपक्ष द्वारा OBC महिलाओं के नाम पर दिए जा रहे तर्कों को खारिज करते हुए इसे “सिर्फ बहाना” बताया। इस दौरान दरौंडा के विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाकर महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को कमजोर करना चाहता है।उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं का “हिस्सा छीनना” नहीं बल्कि “हिस्सा बढ़ाना” था, लेकिन विपक्ष ने इसे तोड़-मरोड़कर पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर इस मुद्दे को भटकाने का प्रयास किया।विधायक छोटी कुमारी ने विपक्ष पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि सामान्य परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ें और संसद तक पहुंचें, क्योंकि इससे उनके राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती मिलती है। उन्होंने परिवारवाद को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और आने वाले चुनावों में इसका जवाब जरूर देंगी।यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों का सवाल है।अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष ने केवल एक विधेयक को नहीं रोका, बल्कि देश की महिलाओं के विश्वास को ठेस पहुंचाई है, जिसका परिणाम उन्हें भविष्य में भुगतना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर इसका उचित जवाब देगी।इस मौके पर हरेंद्र कुशवाहा, सत्यम सिंह, सोनू, देवेंद्र गुप्ता, सुनीता जैयसवाल, पूनम गिरि, आभा देवी, सौम्या सोनी, दीपू सिंह, अलका गुप्ता, सौरभ कुशवाहा, नितीश कुशवाहा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Continue Reading

देश

सेवा भावना,निर्भीकता और सामाजिकता के प्रतीक डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह को दी गई श्रद्धांजलि

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- प्रसिद्ध चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं में क्षेत्रीय निदेशक,सारण एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयोजक,विश्व हिन्दू परिषद के भूतपूर्व जिला अध्यक्ष,भारत विकास परिषद के पहले जिलाध्यक्ष,आरोग्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न अनुसांगिक संगठनों में विभिन्न दायित्यों का निर्वहन करते हुए कोरोना संक्रमण से 2020 में अंतिम सांस लेने वाले स्वर्गीय डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह की पावन स्मृति पर नगर के चिकित्सकों,समाजसेवीयों एवं पत्रकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों ने उनकी पुण्यतिथि पर मंगलवार को नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व सकारात्मक प्रेरणा के संदेश का संचार करता है।उनकी स्पष्टता, निर्भीकता, सेवा भावना, कर्मठता, अनुशासन के प्रति संजीदगी, सांस्कृतिक अनुराग, आत्मीयतापूर्ण सामाजिकता उन्हें एक विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करती है।।स्वास्थ्य विभाग में सिविल सर्जन तथा अन्य उच्चतर दायित्वों का निर्वहन उन्होंने बेहद संवेदनशीलता के साथ किया। साथ ही समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन उन्होंने बेहद गंभीरता और समर्पित भाव से किया लेकिन दहशत के दौर में भी कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। सदियों तक उनका व्यक्तित्व समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन देता रहेगा। ये बातें मंगलवार को टी एन मेमोरियल हॉस्पिटल पर डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नगर के गणमान्यजनों ने कही। मौके पर अपने पिता को बेहद भावुक अंदाज में अश्रुपूरित आंखों से याद करते हुए डॉक्टर ऋचा सिंह ने कहा कि, “पापा की कर्मठता और उनका अनुशासन के प्रति लगाव हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कोरोना काल में अपने अंतिम समय तक पीड़ित मानवता के चिकित्सकीय सहायता का दायित्व निभाया। अपने पिता को याद करते हुए प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सिंह ने कहा कि पापा के जीवन मूल्य हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके व्यक्तित्व की सहजता, सरलता और मधुरता हमें सदैव उनकी याद दिलाती रहती है।इस अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए बीस सूत्री के उपाध्यक्ष संजय पांडेय ने उन्हें निर्भीकता की मिसाल बताया।वहीं दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने उनके माधुर्यपूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

शिक्षाविद् डॉक्टर गणेश दत्त पाठक ने कहा कि डॉक्टर साहब का जीवंत व्यक्तित्व और उनका सांस्कृतिक अनुराग अदभुत था।भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा कि दहशत के दौर में डॉक्टर साहब पर ढेर सारा दबाव दिया गया बावजूद इसके उन्होंने बहादुरी से सामना किया लेकिन कभी झुके नहीं।सदैव निर्भीक बने रहे।श्रद्धांजलि देने वालों में सारण विभाग कार्यवाह डॉ प्रभात रंजन,डॉ मनोरंजन सिंह, सर्जन डॉक्टर डॉ अन्नू बाबू,बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रामशरण पांडेय, डॉक्टर आजाद आलम, लायंस क्लब सीवान के अध्यक्ष विकास सोमानी, भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष श्री रोहित सिंह,सचिव श्री राजीव कुमार सिंह उर्फ़ श्रवण सिंह,कोषाध्यक्ष श्री अतुल श्रीवास्तव,कृष्ण चंद्र गाँधी मीडिया सेंटर,सिवान के सचिव श्री इंदल सिंह,विद्या भारती मीडिया सेवा (उत्तर पूर्व क्षेत्र ) के क्षेत्र प्रमुख श्री नवीन सिंह परमार,भारत विकास परिषद (संस्कार )के प्रांतीय संयोजक भारत भूषण पाण्डेय,समाजसेवी अनुग्रह भारद्वाज, डॉक्टर रोहित कुमार,नाजिया शादाब,अचला तिवारी, देवेंद्र गुप्ता, सत्यम सिंह सोनू, टिंकू सिंह, प्रिंस कुमार,पत्रकार अरविन्द पाठक,अमित कुमार मोनू,सचिन पर्वत सहित अन्य गणमान्य पस्थित रहे।

इस अवसर पर एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टर ऋचा सिंह, डॉक्टर रोहित कुमार ने अपनी सेवा प्रदान की और कुछ पैथोलॉजी जांच पर विशेष छूट की सुविधा आम मरीजों को प्रदान किया गया।

Continue Reading

देश

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 का हुआ भव्य आयोजन

Published

on

लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत रविवार को सिवान जिले के 105 विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शहर के नूरावती मैरेज हॉल,फतेहपुर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, इतिहास, संगठनात्मक संरचना, कार्यपद्धति एवं वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार इन विचारों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाई जा सकती है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिवान भाजपा के जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी ने कहा,“पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने का एक सशक्त अभियान है। इससे कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता मिलती है और वे पार्टी की नीतियों एवं योजनाओं को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने में सक्षम बनते हैं। भाजपा का हर कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित है और इस प्रकार के प्रशिक्षण से उनकी कार्यक्षमता और भी निखरती है।”वहीं सिवान जिला के प्रभारी लालबाबू कुशवाहा ने अपने वक्तव्य में कहा,“भारतीय जनता पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जो अपने कार्यकर्ताओं के सतत प्रशिक्षण और विकास पर विशेष ध्यान देती है। यह महाअभियान कार्यकर्ताओं को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करता है। संगठन की मजबूती ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसी के बल पर हम समाज के हर वर्ग तक अपनी बात पहुंचाने में सफल हो रहे हैं।”कार्यक्रम में सिवान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार सिंह ने भी विस्तार से अपने विचार रखते हुए कहा,“किसी भी संगठन की सफलता उसके सिद्धांतों, इतिहास और अनुशासन पर निर्भर करती है। भाजपा का गौरवशाली इतिहास और उसकी कार्यशैली कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में पूरी निष्ठा से जुटना चाहिए।”इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क, सोशल मीडिया की भूमिका तथा सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के तरीकों पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया। कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाएं रखीं और अनुभव साझा किए।कार्यक्रम के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने तथा आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने सिवान भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम मे मुख्य रूप से सिवान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय पाण्डेय धनंजय सिंह मुकेश कुमार बंटी रंगबहादुर सिंह देवेंद्र गुप्ता पूनम गिरि किरण गुप्ता राजेश श्रीवास्तव प्रेम माझी अमित सिंह सोनू मुकेश कसेरा रूपल आनंद अजीत कुमार रंजना श्रीवास्तव सुनीता जैयसवाल प्रिन्स चौहान नीरज पटेल राजन साह सोनी स्वेब इत्यादि लोग मैजूद रहे।

Continue Reading

Trending