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पौराणिक कथाएं एक्सपेरिमेंट की चीज नहीं हैं – सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’
राम-कृष्ण हों या रावण-कंस! भारत के किसी बच्चे को भी यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि वे कैसे थे। हमारे पुराणों के नकारात्मक चरित्र हों या देवता हों, भारत का कण कण उनके स्वरूप को जानता है। भारत हजारों वर्षों से जैसे उन चरित्रों के साथ जी रहा है, उनको धारण कर के जी रहा है। अब कोई व्यक्ति स्थापित छवि को नकारते हुए आ कर कहे, कि नहीं! राम जी वैसे नहीं थे जैसा तुम जानते हो, राम जी वैसे थे जैसा मैं बता रहा हूँ, तो यह परम्परा उस धूर्त के मुँह पर थूक देगी।
हम जब राम का ध्यान करते हैं तो आंखों के आगे साँवले रङ्ग के एक सुपुरुष की छवि उभरती है, जो अद्वितीय सुन्दर हैं, जिनके मुख पर दैवीय शान्ति पसरी हुई है, जिनके अधरों पर एक मोहक मुस्कान है। राम अपने जीवन में वृद्ध भी हुए होंगे, पर हम कभी श्वेत दाढ़ी-मूछ वाले राम की कल्पना भी नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे देवता चिरयुवा हैं।
ऐसा ही हनुमान जी के साथ है, ऐसा ही भाव माता सीता और भइया लखन के लिए है, बल्कि यही भाव रावण के लिए है। परम्परा से चली आ रही लोककथाएं कहती है कि रावण एक उच्च तपस्वी कुल में जन्मा, परम विद्वान, महान शक्तिशाली, शिवभक्त ब्राह्मण था, पर उसके पूर्व जन्म के शाप के कारण इन सद्गुणों पर उसके राक्षसी गुण प्रभावी हो गए और वह पापात्मा हो गया। हमारी परम्परा अपने बच्चों को बताती रही है कि सदैव पूजापाठ और देवभक्ति में रत रहने के बाद भी यदि तुम अपने आचरण में धर्म को धारण नहीं करते तो तुम्हारा रावण की तरह पतन हो जाएगा।
तो हमारी परम्परा में रावण की छवि किसी क्रूर, बर्बर, असभ्य, दैत्य की नहीं है, बल्कि एक सुन्दर शरीर वाले बलिष्ठ पुरुष की है, जो सभ्य होते हुए भी अपने अधर्म के कारण पतन को प्राप्त हुआ। अब यदि हम रावण का चित्रण असभ्य, अशिक्षित, अरबी बर्बरों की तरह करें, तो रावण के बहाने दिए जाने वाले उस धर्मज्ञान का होगा जो कहता है कि यदि आचरण में धर्म न हो तो तुम्हारा सौंदर्य, ज्ञान, कुलवंश, शक्ति सब महत्वहीन हैं।
धर्मिक कथाएं किसी फिल्मी कहानीकार की गढ़ी हुई नहीं हैं कि विलेन का मतलब गब्बर और हीरो का मतलब पियक्कड़ बीरू हो। वहाँ कंस इसलिए आये ताकि समाज को बताया जाय कि उचित संस्कार नहीं मिलने पर उग्रसेन जैसे धर्मात्मा का पुत्र भी पापी कंस हो सकता है, और हिरण्यकश्यप इसलिए आये ताकि समाज याद रखे कि एक घोर पापी के बेटे को भी संस्कार मिले तो वह प्रह्लाद हो सकता है।
एक बात और है! पौराणिक चरित्रों को निभाने के लिए कलाकारों का चयन भी बहुत सोच कर होना चाहिये, क्योंकि लोग उनमें अपने अराध्य को देखते हैं। 30 वर्ष पुराने रामायण सीरियल के बूढ़े हो चुके कलाकार अरुण गोविल को आज भी देखते ही कोई स्त्री चरणों में गिर जाती है, तो समझना होगा कि इन चरित्रों को निभाने के लिए कैसे आदर्श कलाकारों की आवश्यकता है। यदि कोई मूर्ख अपनी फिल्म में हमेशा नङ्ग-धड़ंग रहने वाली किसी अश्लील अभिनेत्री से माता सीता का रोल करवाता है, तो सभ्यता का द्रोही है वह धूर्त! वह तिरस्कार के ही योग्य है।
दोष सैफल्ली का नहीं है, उसे आप उदयभान राठौर की भूमिका दें या रावण की, वह दिखेगा खिलजी ही। दोष ओम रावत के चयन में है, उसकी मंशा में है।
सर्वेश तिवारी श्रीमुख
गोपालगंज बिहार।
Tech
पीएमश्री विद्यालय धनवती में समर कैंप का आयोजन, कमजोर बच्चों को मुख्यधारा में लाने की अनूठी पहल
लोकतंत्र न्यूज,सिवान (बिहार); – सदर प्रखंड के पीएमश्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय, धनवती में शैक्षणिक रूप से कमजोर बच्चों (Slow Learners) के लर्निंग गैप को कम करने और उन्हें सामान्य बच्चों की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर समर कैंप का आयोजन किया गया है।
इस कैम्प में बच्चों को रटने की पारंपरिक पद्धति से अलग रोचक खेल, बेसिक गणित, भाषा ज्ञान (हिंदी/अंग्रेजी पढ़ना-लिखना), और रचनात्मक गतिविधियों(Drawing/Crafts)के माध्यम से सिखाया जा रहा है।
समर कैम्प का लक्ष्य गर्मी की छुट्टियों का सही उपयोग कर बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर करना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है।
प्रधानाध्यापक श्री उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि
कमजोर बच्चों की पढ़ाई सुधारने के बिहार के सरकारी स्कूलों में ‘मिशन लर्निंग’ अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों (Middle Schools) में पढ़ने वाले कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा तपती गर्मी और छुट्टियों के बीच, बच्चों की पढ़ाई को मजेदार और मजबूत बनाने के लिए राज्य में 1 जून से 30 जून 2026 तक एक महीने का विशेष ‘समर कैंप’ (Summer Camp) आयोजन किया गया है।

इस समर कैंप का मुख्य फोकस कक्षा 5 और 6 के उन बच्चों पर होगा,जो पढ़ाई-लिखाई या गणित में अपने सहपाठियों से पीछे छूट गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस ‘समर कैंप मास्टर प्लान’ की 5 सबसे मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- FLN के तहत चिन्हित कमजोर बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
बुनियादी सुधार ; इस कैंप का मुख्य उद्देश्य फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) कार्यक्रम के तहत चिन्हित किए गए कमजोर बच्चों की नींव मजबूत करना है।
सीखने का नया अंदाज ; पारंपरिक किताबी रटने के बजाय, बच्चों को खेल-कूद, विशेष गतिविधियों (Activity-based learning), चित्रकारी और व्यावहारिक तरीकों से पढ़ना, लिखना और बुनियादी गणित की समझ (Maths Skills) विकसित करना सिखाया जाएगा। इससे नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले कमजोर छात्र भी मुख्यधारा की पढ़ाई से जुड़ सकेंगे।
- हर स्कूल में पढ़ाएंगे स्थानीय ‘स्वयंसेवक’ और ‘टोला सहायक’
कम्युनिटी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने एक अनूठा फॉर्मूला निकाला है:
सभी मध्य विद्यालयों (Middle Schools) के प्रधानाध्यापकों (HM) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्कूल के पोषक क्षेत्र (Local Area) से 2 से 3 स्थानीय स्वयंसेवकों (Volunteers) या टोला सहायकों का चयन कर पूरे महीने कैंप में बच्चों को गाइड करेंगे और उन्हें सिखाने में शिक्षकों का सहयोग करेंगे, जिससे बच्चों को एक दोस्ताना और बेहतर घरेलू माहौल मिल सके।
देश
महावीरी विजयहाता के भैया बहनों ने बारहवीं के रिजल्ट में किया शानदार प्रदर्शन
लोकतंत्र न्यूज नेटवर्क,सिवान ; – सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में भी महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता के भैया-बहनों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय में हर्षोल्लास का वातावरण पैदा कर दिया।
ज्ञात हो कि इस बार पहली बार सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की सभी उत्तरपुस्तिकाओं का ऑनलाइन यानि डिजिटल मूल्यांकन हुआ है। परीक्षार्थियों के अनुसार परीक्षा परिणामों पर इसका बहुत प्रभाव भी स्पष्ट दिख रहा है। बारहवीं के गणित एवं वाणिज्य संकाय में बहनों ने कमाल कर दिया, तो विज्ञान संकाय में भैया का दबदबा रहा। गणित संकाय में बहन प्रज्ञा गुप्ता ने 76.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया।73.6 प्रतिशत के साथ बहन सौम्या सिंह दूसरे स्थान पर, जबकि 71.6 प्रतिशत अंक के साथ बहन रिशिका कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। जीवविज्ञान संकाय में भैया अक्षत सिंह ने 82.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम, 81.2 प्रतिशत अंक लाकर भैया पवन कुमार ने द्वितीय तथा 76 प्रतिशत अंक के साथ भैया प्रशान्त सोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाणिज्य संकाय में भी बहनों ने धमाल मचाया। 85.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बहन अदिति कुमारी प्रथम, 78 प्रतिशत अंक लाकर बहन सृष्टि कुमारी द्वितीय तथा 77.6 प्रतिशत अंक के साथ बहन श्रेया कुमारी तृतीय स्थान पर रहे। महावीरी विजयहाता से इस परीक्षा में कुल 119 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। विषयवार अंकों का उच्चतम प्राप्तांक प्रतिशत इस प्रकार रहा- अंग्रेजी-98, भौतिकी-80, रसायनशास्त्र-83, जीवविज्ञान-92, गणित- 69, अकाउंट/लेखाशास्त्र -92, बिजनेस स्टडीज-88, अर्थशास्त्र-85 तथा फिजिकल एजुकेशन -91 । महावीरी विजयहाता के प्राचार्य डॉ कुमार विजय रंजन, विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक प्रो. रविन्द्र पाठक, अध्यक्ष डॉ शरद चौधरी, सचिव प्रो. शंभूनाथ प्रसाद तथा कोषाध्यक्ष जीव नारायण ने भैया-बहनों को सुनहरे भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ देते हुए सभी आचार्यों के मार्गदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोक शिक्षा समिति, बिहार के सचिव रामलाल सिंह, क्षेत्रीय संयोजक नवीन सिंह परमार तथा सीवान विभाग के निरीक्षक अनिल कुमार राम ने भी महावीरी विजयहाता के परीक्षा परिणामों पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भैया-बहनों के परिश्रम की सराहना की। मीडिया प्रभारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ आशुतोष कुमार, परीक्षा प्रमुख अमन पांडेय, सच्चिदानंद पांडेय, विधुशेखर सिंह, हरिराम शर्मा, योगेन्द्र राय, सिद्धिसागर मिश्र, देवानंद श्रीवास्तव, अशोक सिंह, सुश्री अंकिता, जिऊत चक्रवर्ती तथा आचार्य प्रवीण चन्द्र मिश्र ने भी भैया-बहनों की सफलता पर खुशी का इजहार किया।

Sports
21 मई 2026 से लगेगा निःशुल्क योग एवं ताईक्वानडो मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण कैंप
लोकतंत्र न्यूज(सिवान ); – स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है, भले ही यह एक कहावत हो, परन्तु हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में यह शत-प्रतिशत सटीक बैठता है। व्यक्तियों खास तौर पर छात्रों का स्वास्थ्य ठीक रहने पर ही उनके मन में उत्तम विचार उत्पन्न होंगें,मन अध्ययन में लगेगा व स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी और वे लगन पूर्वक अच्छी शिक्षा ग्रहण करके उत्कृष्ट नागरिक बन पायेंगे।
सिवान योग संघ के सचिव सचिन कुमार पर्वत ने बताया कि इसी उद्देश्य के पूर्ति हेतु ग्रीष्मावकाश के सुअवसर पर सिवान योग एसोसिएशन एवं सिवान डिस्ट्रिक्ट ताईक्वानडो एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में तायक्वानडो कोरियन कराटे (मार्शल आर्टस) व योग-प्राणायाम का एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण वी एम हाई स्कूल सीवान में 21 मई से 21 जून-2026 तक सुबह 5 बजे से सुबह 7 बजे तक लगाया जायेगा।
इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले को हमेशा स्वस्थ रहने के लिए एरोबिक एवं योगा के स्पेशल टिप्स भी बताये जायेंगे और आत्मरक्षा के स्पेशल टेकनीक को सिखाया जायेगा।
कैम्प के समापन के उपरान्त कैम्प में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को संघ द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा।

