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कुख्यात चरमपंथी संगठन PFI पर भारत सरकार ने लगाया प्रतिबंध

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नेशनल डेस्क , दिल्ली-: भारत को 2047 तक इस्लामिक स्टेट घोषित करने के नापाक साज़िश व देश में हुए विभिन्न दंगो व साम्प्रदायिक हत्याओं को अंजाम देने वाले कुख्यात इस्लामिक आतंकी संगठन PFI समेत उसके आधा दर्जन सहयोगी संगठनों पर भारत सरकार ने बैन लगा दिया है PFI भारत में मुस्लिम युवाओं को जेहादी बनाकर आतंक की ट्रेनिंग देने,भारत के कई जगहों पर बम विस्फोट करने और धर्म के आधार पर चिह्नित कर गैर मुस्लिमों की हत्याओं में शामिल रहा है। लगातार छापेमारी के बाद अब गृह मंत्रालय ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर पांच साल का बैन लगा दिया है। टेरर लिंक को लेकर यह कार्रवाई की गई है। कई राज्यों ने केंद्र सरकार से पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। बता दें कि ईडी और एनआईए के पहले राउंड की छापेमारी में 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं दूसरे राउंड की छापेमारी में 247 लोगों को अरेस्ट किया गया।गृह मंत्रालय का कहना है कि टेरर लिंक के सबूत मिलने और एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। पीएफआई से जुड़े संगठनों पर भी बैन लगाया गया है। इनमें कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, रिहैब इंडिया फाउंडेशन, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल और अन्य कई संगठन शामिल हैं। बताते चलें कि पहले राउंड में 11 राज्यों में छापेमारी हुई थी और उसके बाद पीएफआई से जुड़े लोगों ने हंगामा भी किया था। वहीं दूसरे राउंड में 8 राज्यों मे ंरेड डाली गई। दिल्ली के जामिया नगर में धारा 144 लगा दी गई थी। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पीएफआई कई आपराधिक और आतंकी मामलों में शामिल रहा है जो संवैधानिक प्राधिकार का अनादर करता है। बाह्य स्रोतों से धन और वैचारिक समर्थन की वजह से यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि, कॉलेज प्रोफेसर का हाथ काटना, अन्य धर्मों को मानने वाले लोगों पर हमला करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों की पुष्टि हुई है. प्रतिबंध के कार इस संगठन से जुड़े किसी भी शख्स पर कार्रवाई की जा सकती है। देश में जिस तरह की गतिविधि पीएफआई चला रहा था उसपर रोक लगाई जाएगी। एजेंसियों ने पांच एफआईआर दर्ज की हैं और उसमें यूएपीए लगाया गया है।इसके अलावा पीएफआई से जुड़े संगठनों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। विदेशी फंड को पीएफआई जिस तरह से लीगल बताने की कोशिश करता था, उसपर भी शिकंजा कसा जाएगा।पीएफआई केवल देश में ही नहीं बल्कि खाड़ी देशों में भी भारत के खिलाफ अजेंडा चलाता था। पीएफआई एक अखबार चलाता था जिसका नाम ‘तेजस गल्फ डेली है।’ इस अखबार के जरिए वह खाड़ी देशों में भारत विरोधी अजेंडा चलाता है। इसके अलावा अखबार के जरिए वह विदेशी फंडिंग को लीगल बनाने का भी काम करता था। पीएफआई अबूधाबी के एक रेस्तरां के जरिए भी हवाला के माध्यम से फंडिंग प्राप्त करता था। विदेशी फंडिंग के बल पर वह देश में कट्टरपंथ को हवा देने का काम कर रहा था।

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सिवान में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में लक्की तिवारी सहित पाँच अपराधी गिरफ्तार

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लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान;- सिवान पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़, पुलिस टीम द्वारा जवाबी फायर करते हुए लक्की तिवारी सहित पाँच अन्य अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ किया गया गिरफ्तार किया गया। उक्त मामले की प्रेस रिलीज के माध्यम से जानकारी देते हुए सिवान एसपी ने बताया कि दिनांक 16.08.2025 शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि कुछ अपराधकर्मी अपराध करने के उद्देश्य से दरोगा राय कॉलेज के नजदीक एकत्र हुये हैं। जिसके सत्यापन में थानाध्यक्ष एवं डी. आई. यू की टीम वहाँ गई, जिसको देखने के साथ ही चार मोटर साईकिल से 08-10 की संख्या में अपराधकर्मी मैरवा रोड में भागने लगे। पीछा करते हुये पुलिस टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत भंटापोखर (चक्रा मोड़) के नजदीक पहुँची तो सभी अपराधी अपना मोटर साईकिल छोड़कर भागने लगे। जिनको पकड़ने का प्रयास पुलिस टीम द्वारा जब किया गया तो एक अपराधी पुलिस पर जानलेवा फायरिंग करने लगा । जवाबी कार्रवाई में पुलिस के द्वारा अपने आत्मरक्षार्थ तीन फायरिंग की गई, जिसमे एक गोली एक अपराधी के घुटना में लगी। घायल अपराधी से पूछने पर वह अपना नाम लक्की तिवारी पे० धनंजय तिवारी बताया। जिसका सत्यापन करने पर ज्ञात हुआ कि इनके विरूद्ध कई आपराधिक मामले पूर्व में भी अंकित हैं। इस दौरान पुलिस द्वारा लक्की तिवारी के अन्य चार साथियों को अवैध आग्नेख के साथ गिरफ्तार किया गया है।> गिरफ्तार अभियुक्त का नाम एवं पताः-1. लक्की तिवारी, पिता-धनंजय तिवारी, सा०-पंडितपुरा, थाना-मैरवा, जिला-सिवान।2. देपेन्द्र मिश्रा, पिता-लाल बिहारी मिश्रा, सा०-भंटापोखर, थाना- मुफस्सिल, जिला-सिवान।3. करण सिंह, पिता-कौशल सिंह, सा०-सुरवल, थाना-जीरादेई, जिला-सिवान।4. विकाश कुमार, पिता-अनिल सिंह, सा०-लक्ष्मीपुर, थाना-नगर, जिला-सिवान।5. रंजीत कुमार, पिता-दिनेश सिंह, सा०-रामनगर, थाना-नगर, जिला-सिवान।गिरफ्तार अभियुक्त का अबतक का ज्ञात आपराधिक इतिहास :-1. लक्की तिवारी1. मैरवा थाना काण्ड सं0-158/24 दिनांक-26.05.2024 धारा-147/341/342/307/504/506 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट ।2. गुठनी थाना काण्ड सं0-82/16 दिनांक-30.07.2016 घारा-307/353/34 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट ।3. गुठनी थाना काण्ड सं0-83/16 दिनांक-30.07.2016 धारा-25 (1-ए), (1-बी), 34 आर्म्स एक्ट।4. मैरवा थाना काण्ड सं0-186/22 दिनांक-08.05.2022 धारा-341/385/387/307/504/506/34 भा०द०वि० एंव 27 आर्म्स एक्ट ।2. देपेन्द्र मिश्रा1. मैरवा थाना काण्ड सं0-263/18 दिनांक-09.07.2018 धारा-25 (1-बी) ए/26/35 आर्म्स एक्ट ।2. मैरवा थाना काण्ड सं0-158/24 दिनांक-26.05.2024 घारा-147/341/342/307/504/506 भा०द०वि० एवं 27 आर्म्स एक्ट ।3. मुफस्सिल थाना काण्ड सं0-561/22 दिनांक 01.10.2022 धारा-25 (1-बी) ए/26/35 आर्म्स एक्ट।बरामद सामानों की सूची:-1. देशी पिस्टल-01, 2. देशी कट्टा-01, 3. पिस्टल का गोली-01, 4. कट्टा का गोली-01, 5. खोखा-02, 6. मोटरसाईकिल-06टीम में शामिल पुलिस पदाधिकरी/कर्मी :-1. थानाध्यक्ष मुफस्सिल थाना एवं थाना के अन्य कर्मी।2. डी.आई.यू टीम, सिवान।

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सिवान में गेमिंग एप्प के माध्यम से साईबर ठगी करने वाले गिरोह के 6 गिरफ्तार

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लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क,सिवान ; – सिवान पुलिस को साईबर फ़्रॉड के खिलाफ़ बड़ी कामयाबी मिली है जहां सिवान एसपी मनोज तिवारी के निर्देश पर गठित टीम ने 6 साईबर अपराधियों को धर दबोचा है। बुधवार 23 जुलाई को जिला अंतर्गत साइबर फ्रॉड से संबंधित गुप्त सूचना के आधार पर एसपी मनोज तिवारी के निर्देशा पर पुलिस साईबर थाना सिवान के पुलिस उपअधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर साईबर ठगों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए 06 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार व्यक्तियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उक्त सभी के द्वारा गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों से साईबर ठगी करने की बात स्वीकार की गई। इस संबंध में साइबर थाना कांड सं0 74/25 दिनांक 23.07.2025 दर्ज कर गिरफ्तार व्यक्तियों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

बरामदगीः-

गिरफ्तार साईबर अपराधियों के पास से एक वाई-फाई दो वाई-फाई राउटर, तीन मोबाईल चार्जर,एक इलेक्ट्रीक बोर्ड, दो मोटरसाईकिल,17 यूपीआई स्कैनर, दो लैपटॉप,एक टैबलेट,74,100 रू नगद,26 एटीएम कार्ड,31 मोबाईल,3 चेकबुक-04, पासबुक-19, स्कैनर-17, 2 आधार कार्ड, एक पासपोर्ट, एक पेन कार्ड व एक स्मार्ट कार्ड,बायोमैट्रिक एक मशीन-2 नोटबुक. जब्त गये खातों में से 05 खातों पर विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की सं-20

गिरफ्तार अभियुक्तों की विवरणी –

  1. सुमित कुमार पिता सुनील सिंह सा० जसौली थाना पचरुखी जिला सिवान। 2. अनिकेत कुमार पिता विद्यार्थी सिंह सा० जसौली थाना पचरुखी जिला सिवान।
  2. राज कुमार सा० बरीयारपुर थाना पचरुखी जिला सिवान।
  3. भान्नी कुमार पिता बलीलाल सिंह सा० रसुलपूर छपिया थाना हुसैनगंज जिला सिवान।
  4. आदित्य कुमार पिता जितेन्द्र सिंह सा० बरीयारपुर थाना पचरूखी जिला सिवान।
  5. बन्टी कुमार सिंह पिता सन्ता सिंह सा० बरीयारपुर थाना पचरुखी जिला सिवान।

छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी

पुलिस उपाधिक्षक (साईबर क्राइम):- श्री सुशील कुमार 2. पु०नि० विजय कुमार यादव (अंचल पु० निरिक्षक मुफ्फसिल) 3.पु०नि० अखिलेश कुमार (डी०आई०यु० प्रभारी सिवान) 4. पु०नि० अशोक कुमार दास (मुफ्फसिल थाना प्रभारी) 5.पु०नि० ज्ञान प्रकाश (साईबर थाना) 6. पु०अ०नि० कृष्णा कुमार (डी०आई०यु०)

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कांग्रेस का शांति दल कौड़िया वैश्य टोली पहुँचा,पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर जिला प्रशासन व सरकार से त्वरित कार्रवाई की माँग की

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लोकतंत्र न्यूज़ नेटवर्क ; सिवान :- कांग्रेस का शांति दल सोमवार को भगवानपुर हाट थाना अंतर्गत कौड़िया वैश्य टोली पहुँचा। गौरतलब है कि विगत 4 जुलाई को मलमलिया बाजार पर तीन लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी।
कांग्रेस के शांति दल ने मृतक मुन्ना सिंह, रोहित सिंह एवं कन्हैया सिंह के पीड़ित परिजनों से बारी -बारी से मुलाकात कर ढांढस बढ़ाया।तीनों हीं मृतक कौड़िया वैश्य टोली के थे। कांग्रेस का शांति दल सबसे पहले मृतक मुन्ना सिंह के घर पहुँचा।जहाँ मुन्ना सिंह के पुत्र आदित्य सिंह,आदर्श सिंह एवं पीड़ित परिजनों से मुलाकात से मुलाकात किया। पुनः कांग्रेस का शांति दल मृतक रोहित सिंह के पिताजी पूर्व मुखिया अखिलेश सिंह से मुलाकात किया। प्रतिनिधिमंडल ने पुनः मृतक कन्हैया सिंह के पिताजी राजनारायण सिंह से भी मुलाकात किया। मौके पर मौजूद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि पूरी घटना में पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। कई छोटी-छोटी घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस पहलकदमी नहीं लिया। जिससे बड़ी घटना हो गई। पूरे मामले में भगवानपुर हाट के तत्कालीन थानाध्यक्ष की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। हालांकि उक्त थानाध्यक्ष को बर्खास्त कर दिया गया लेकिन बर्खास्तगी नाकाफी है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ उक्त थानाध्यक्ष पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से 19 जुलाई को पटना के ज्ञान भवन में कांग्रेस पार्टी द्वारा लगने वाले रोजगार मेले में पंजीयन कराने का भी आग्रह किया। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विधु शेखर पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह से दिन दहाड़े बीच -बाजार पर घटना को अंजाम दिया गया।

एक बात तो तय है कि घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं है। सरकार एवं प्रशासन को तत्काल पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी एवं उचित आर्थिक मुआवजा देना चाहिए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए ताकि न्याय के प्रति भरोसा कायम रहे। कांग्रेस के शांति दल में कांग्रेस के भगवानपुर प्रखंड अध्यक्ष कमल किशोर ठाकुर,दिनेश यादव,ध्रुवलाल कुशवाहा,अभिषेक मिश्रा,लालबाबू खरवार, संतोष पाण्डेय, सुरेश यादव, विन्देश्वरी साह,संजय कुमार,केशव कुमार, रामाशीष यादव, रंजीत कुमार शामिल थे।

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