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बिहार

जदयू का एनडीए से अलग होना सही फैसला,पीएम बनें नीतिश समर्थकों की ख्वाहिश

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सचिन कुमार पर्वत – नेशनल डेस्क, नई दिल्ली- बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार का एनडीए से अलग होना मेरी नजर में अप्रत्याशित घटना नहीं है,और न ही नीतिश कुमार इसके लिए इकलौता जिम्मेवार हैं।यह एक राजनीतिक परिस्थिति थी जिसके लिए भाजपा बराबर की जिम्मेवार है।
मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से विभिन्न मुद्दों पर सहमति और असहमति हो सकती है लेकिन यह सभी जानते हैं कि आत्मसम्मान से समझौता उन्होंने कभी नहीं किया।राजनीति में वैसे भी सिद्धांत व नैतिकता की सोंच रखना मूर्खतापूर्ण है।खासकर वर्तमान समय में जब यह विशुद्ध रूप से व्यवसाय बन गया है जहां सभी दलों का एकमात्र उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना ही रह गया है।जहाँतक जनहित का विषय है तो अब जन समस्याओं पर आंशिक ही बहस हो पाती है।
जाती धर्म और राष्ट्रवाद के नाम पर सभी धर्मों व समुदायों में नेताओं/धार्मिक संगठनों के शीर्ष नेताओं व मौलवियों मौलानाओं द्वारा युवाओं के बड़े हिस्से को गुमनामी के अंधेरे में धड़ल्ले से धकेला जा रहा है सिर्फ इसलिए कि उनकी संस्था/पार्टी को फायदा पहुँचे वह भी यह बिना सोंचे कि इन युवाओं का भविष्य क्या होगा?।
हां तो हम बात कर रहे थे बिहार की…
नीतिश कुमार के एनडीए से अलग होने के बाद एनडीए नेताओं व समर्थकों द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ कई व्यक्तिगत टिका टिप्पणी भी की गई ठीक वैसे ही जैसे महागठबंधन से अलग होने के बाद महागठबंधन विशेषकर राजद व उसके समर्थकों द्वारा बेहद ही अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था।
भाजपा जो बिहार में हमेशा से नीतिश कुमार को अपना नेता मानकर चुनाव लड़ती रही,क्योंकि उसके पास आजतक इतनी क्षमता ही नहीं हुई कि बिहार में एक नेता का निर्माण कर सके।कोई भी पार्टी मंत्री विधायक एमपी तो बना सकती है लेकिन नेता बनाना सबके वश की बात नहीं।क्योंकि एमपी एमएलए नेता नहीं बना सकता न ही बन भी सकता है।लेकिन नेता एमपी एमएलए व मंत्री बना सकता है।ठीक यही कार्य लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटों के साथ किया,अपने शासन काल में भले ही विधायक मंत्री नहीं बना सके लेकिन उन्होंने अपने बेटों तेजस्वी यादव व तेजप्रताप यादव को नेता जरूर बनाया जो अब उपमुख्यमंत्री और मंत्री हैं,अब वे कभी भी किसी को भी विधायक व मंत्री बना सकते हैं और बिहार की राजनीति आने वाले 20-30 वर्षों तक इन्हीं के इर्द गिर्द घूमती रहेगी।
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जो बिहार में नीतिश कुमार को नेता मानकर उनके नेतृत्व में सरकार में शामिल था बावजूद इसके यहां के छुटभैये नेता/प्रवक्ता लगातार मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप लगाते रहे अपमानजनक व्यवहार करते रहे।फिरभी नीतीश कुमार ने अनेकों मौके दिए चेतावनी दी।लेकिन भाजपा के छुटभैये नेताओं के मन में यह बात बैठ गई थी कि नीतिश जी जो महागठबंधन को छोड़ कर आ चुके हैं,अब जाएंगे कहाँ? बस इसी गलतफहमी के कारण यह सब घटना घटित हुई। इसके अलावा विधनसभा चुनाव में जदयू के प्रत्याशियों के ख़िलाफ़ चिराग़ पासवान ने स्वयं को ‘मोदी का हनुमान’ बताकर उम्मीदवार खड़ा करके उन्हें पराजित करने का अपमानजनक कार्य किया,साथ ही भाजपा खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी मुख्यमंत्री के ह्रदय में शूल बनकर हेमशा चूभती रही।
अब बात करते हैं ‘पलटू राम’ शब्द की- जब भाजपा जम्मू कश्मीर में कट्टर देशविरोधी महबूबा मुफ्ती सईद के साथ गठबंधन करके सरकार चलस सकती है तो फिर लालू प्रसाद यादव जो नीतिश कुमार के छात्र व राजनीतिक जीवन के साथी रहे उनके साथ जाने में क्या हर्ज है?
रही बात अपराध की तो मैं विगत 30 वर्षों से देखा हूँ बिहार को नीतिश कुमार की सत्ता वापसी के शुरुआती 5 वर्षों को छोड़ दें जब हमें बिहारी होने पर गर्व महसूस हुआ करता था, उसके बाद से लगभग सबकुछ वैसा ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब सरेआम बाइक पर एके-47 व सेमी रायफल लेकर चलते थे,ब लग्जरी गाड़ियों में चलते हैं।लक्ष्य आधारित जातीय हत्या/हिंसा यथावत जारी है।
बेरोजगारी भ्रष्टाचार सब जस की तस है। बन्द पड़े कल-कारखाने चालू होना तो दूर उनके अवशेष भी अब विलुप्त हो रहे हैं।नए उद्द्योग लगाने की बातें चुनावी नारों तक सीमित हैं।
अब यह बात भी उठी थी कि नीतिश जी में दम है तो इस्तीफा दे कर चुनाव में आते। तो यह बात तब अच्छी और गम्भीर लगती जब वे महागठबंधन तोड़कर एनडीए में आये थे तभी एनडीए यह बात कहती कि यह अनैतिक है जनता महागठबंधन को समर्थन दी थी,हम गठबंधन बना कर चुनाव मैदान में जाते हैं फिर जनादेश मिलने के बाद सरकार गठन कर लेंगे।लेकिन अचानक सत्ता से बेदखल हुए भाजपा के नेताओं ने अपना आपा खो दिया और मुख्यमंत्री के खिलाफ अनाप शनाप बयानबाजी शुरू कर दी जिससे जनता में भाजपा की विश्वसनीयता और कमजोर हुई।
मेरे खयाल से नीतिश कुमार ने चुनाव में न जाने का फैसला लेकर बुद्धिमत्ता व दूरदर्शिता का परिचय दिया। बिहार सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता और केन्द्र की नीतियों के कारण बेतहाशा महँगाई झेल रहे बिहार में इससे और महँगाई बढ़ती।
वैसे भी 2025 में भी महागठबंधन की सरकार ही बनना तय है।क्योंकि स्थायी नेतृत्व व सरकार यहीं सम्भव है। और हाँ बिहार की जनता भी प्रधानमंत्री के रूप में एक बिहारी को देखना चाहती है और नीतिश कुमार से बड़ा व प्रभावी चेहरा व अच्छा विकल्प विपक्ष के पास भी नहीं है।अगर नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह हम बिहारियों के लिए हर्ष व गर्व का विषय होगा।
रही बात बिहार की तो तेजस्वी यादव अब पहली पसंद के रूप में तेजी से उभर रहे हैं और बिहार के अगले मुख्यमंत्री बन जायें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

लेखक लोकतंत्र न्यूज़ डॉट कॉम के प्रधान सम्पादक एवं CEO. हैं।

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कला प्रदर्शनी “आँचरा की छांव में हमारी लोक धरोहर ” का डीएम ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ,पारंपरिक कला हमारी अनमोल धरोहर ; डीएम

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लोकतंत्र न्यूज ,सिवान ;- रसमंजरी फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को आयोजित एकदिवसीय जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने दीप प्रज्वलित कर किया।शारदीय नवरात्र के दौरान ग्रामीण महिला लोककलाकारों द्वारा निर्मित दूसूती और सुजनी कलाकृतियाँ दिखाई गई कला प्रदर्शनी में प्राचीन विलुप्त होती कला और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए प्रयासरत संस्था रसमंजरी फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के अवसर पर मातृ शक्ति के सृजन को समर्पित एक कला प्रदर्शनी ” आँचरा की छांव में हमारी लोक धरोहर” रसमंजरी फाउंडेशन के प्रांगण में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री विजय प्रकाश मीणा भा. प्र. से. जिलाधिकारी, सिवान ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और ग्रामीण कलाकार महिलाओं से संवाद कायम किया।इस अवसर पर उन्होंने इस प्रदर्शनी एवं क्लाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि,“पारंपरिक कला हमारी संस्कृति की अनमोल धरोहर है,आवश्यकता इस बात की है कि पारंपरिक कला के प्रसार में सहभागिता निभाई जाय एवं लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाय। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सभी को भूमिका निभानी चाहिए।रसमंजरी फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में पहुंचने पर लोक कलाकारों द्वारा प्राचीन पारंपरिक लोकनृत्य पखाउज के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया।ग्रामीण महिला कलाकारों ने जिलाधिकारी महोदय के ललाट पर तिलक लगा व दूसूती निर्मित गुलाब के फूल भेंट कर स्वागत किया।निदेशक श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव और श्रीमती कन्नूप्रिया ने बताया कि इसमें ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार प्राचीन दूसूति और सुजनी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया।माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बिहार को दूसूती कलाकृतियों की अनुपम सौगात देने वाली लोककलाकार आरती देवी की कलाकृतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।जिलाधिकारी ने ग्रामीण महिला कलाकारों से बात कर उनका उत्साहवर्धन किया और प्राचीन कलाकृति धरोहर को आगे बढ़ाने में योगदान की सराहना किया।कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रसिद्ध कलाकार एवं समाजसेवी जादूगर विजय जी ने किया।इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक उपेंद्र कुमार,जिला पंचायती राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय,सामाजिक कार्यकर्ता गणेश दत्त पाठक,आमोद शरण गोस्वामी,उमेर फरीद, कला शिक्षक चंदन कुमार,समारोह के अध्यक्ष डॉक्टर शरद चौधरी,स्वागताध्यक्ष डॉ राजन कल्याण सिंह,संरक्षक डॉक्टर रुपेश कुमार,राम प्रेम शंकर सिंह शामिल रहे।वहीं विशाल श्रीवास्तव,रसमंजलि फाउंडेशन के निर्देशक अनिल कुमार श्रीवास्तव व कन्नू प्रिया दुसुती कला के गुरु आरती देवी ने व्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाई।

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भारत गौरव देश रत्न राजेंद्र मेमोरियल फाउंडेशन ने विश्व स्वक्षता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर स्वक्षता अभियान से जुड़ने का किया आह्वान

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लोकतंत्र न्यूज,सिवान;- विश्व छात्र दिवस ,विश्व हस्त प्रक्षालन दिवस एवं विश्व ग्रामीण महिला दिवस के संयुक्त अवसर पर गुरुवार को भारत गौरव देश रत्न राजेंद्र मेमोरियल फाउंडेशन के सौजन्य से वी.एम. हाई स्कूल मैदान में हस्त प्रक्षालन कार्यकम आयोजित किया गया।जिसमें बच्चों ने मंच से हाथ धुलाई कार्यक्रम का डेमो दिखाकर उपस्थित सभी बच्चों को तथा आमंत्रित अतिथि गणों को इस स्वच्छता अभियान से जुड़ने हेतु जागरूक किया।फाउंडेशन के महासचिव इंजीनियर प्रमोद कुमार मल्ल ने अतिथियों का स्वागत करने के साथ संस्था परिचय, कार्यक्रम उद्देश्य बताते हुए कहा कि आज सामूहिक हैंडवॉश कार्यक्रम छात्रों द्वारा फाउंडेशन के संयोजन में देश के विभिन्न विद्यालयों एवं स्थलों पर भी निर्धारित समय पूर्वाहन 11:11 बजे दिन में हो रहे हैं और 5.30 लाख से ऊपर विद्यार्थी अभी तक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जाने-माने नेत्र चिकित्सक और आई.एम.ए.सिवान के सचिव डॉ शरद चौधरी ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।तत्पश्चात माँ सरस्वती,डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद एवं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी के तैल चित्र पर मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित किया।

उक्त कार्यक्रम में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी पर आयोजित सिवान के एक दर्जन से ऊपर विद्यालय में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विजेता हुए छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट वक्ता सम्मान से सम्मानित किया गया।इसके पहले अतिथियों को संस्था की तरफ से स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया।उक्त अवसर पर अलग-अलग विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षिकाओं सहित वीएम.एच.ई के एक दर्जन से ऊपर शिक्षक शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।बच्चों ने अपनी मधुर वाणी में भाषण देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।संस्था के महासचिव इंजीनियर प्रमोद कुमार मल्ल ने अपने संबोधन में कहा कि, “यह कार्यक्रम डॉ एपीजे अब्दुल कलाम एवं डॉ राजेंद्र प्रसाद जी को समर्पित है,समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा। खासकर देश का भविष्य छात्र-छात्राओं के लिए इस प्रकार के स्वच्छता एवं शिक्षा के प्रति जागरूक करने वाला कार्यक्रम हमेशा आयोजित किया जाएगा”। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर अरविंद आनंद ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए समा बांध दिया।मौके पर छात्र छात्रों ने स्वागत गीत गाकर तथा वी.एम.एच.ई के संगीत शिक्षक ने बांसुरी वादन से सभी का मन मोह लिया।उक्त कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वी.एम.एच.ई के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार सिंह,विशिष्ट अतिथि अभिमन्यु सिंह,पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव,मार्शल एजेंसी के निदेशक पारस नाथ पंडित,देव भोग के प्रतिनिधि वीर कुंवर सिंह, रामेश्वर सिंह जीरादेई,गजानन पांडेय,उमेश मल्ल, संस्कार भारती के संरक्षक जादूगर विजय जी,राम प्रेम शंकर सिंह,पत्रकार सचिन पर्वत,बालाजी पाण्डेय,चंद्रमोहन सिंह, राम इकबाल सिंह,रामदेव राम,उपेंद्र पांडेय उपस्थित रहे।

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7 वें वेतनमान की मांग को लेकर JDU जिलाध्यक्ष से मिला बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल

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लोकतंत्र न्यूज,सिवान ;- बिहार में कार्यरत BPSC शिक्षकों को 7 वें वेतनमान का लाभ दिलाने की मांग को लेकर बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जनता दल यूनाइटेड के जिला अध्यक्ष श्री जीशु सिंह से मिला।प्रतिनिधिमंडल ने महासंघ की ओर से शिक्षकों की प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर सरकार तक शिक्षकों की आवाज पहुंचाने का आग्रह किया।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ के महासचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने किया। इस दौरान महासंघ के जिला सचिव सिपाही राज गुप्ता, हिंदवेंद्र उपाध्याय, केशव प्रसाद, मनोरंजन गुप्ता सहित कई शिक्षक पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।महासचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि BPSC के माध्यम से नियुक्त शिक्षक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को 7वें वेतनमान का लाभ प्रदान करना उनके अधिकार एवं न्यायसंगत मांग है। महासंघ इस मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार अपनी आवाज सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहा है।उन्होंने कहा कि महासंघ किसी प्रकार के टकराव में विश्वास नहीं रखता, बल्कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं का समाधान चाहता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मिलकर शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है।इस अवसर पर JDU जिलाध्यक्ष श्री जीशु सिंह ने महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की 7वें वेतनमान की मांग को वे पार्टी एवं सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार होना चाहिए।जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी भी शिक्षकों के हितों के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं और उनकी इच्छा है कि शिक्षकों को 7वें वेतनमान के अनुरूप वेतन का लाभ मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महासंघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और शिक्षकों की मांग को उचित स्तर तक पहुंचाने में वे अपनी भूमिका निभाएंगे।महासंघ के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष के सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही BPSC शिक्षकों की 7वें वेतनमान की वर्षों से लंबित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।महासंघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और आर्थिक हितों के लिए संगठन आगे भी एकजुट, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।

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