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अगर आप इंजीनियरिंग को चुन रहें हैं अपना करियर, तो यह सबसे अच्छा बात है- प्रोफेसर डॉ एस आर पांडेय ।

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सही करियर चुनना हर युवा व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण निर्णय है क्योंकि शेष जीवन इस फैसले पर निर्भर करता है। एक करियर जो हमेशा मांग में रहता है, वह इंजीनियरिंग है। ऐसा नहीं इसमें आसान विषय होते हैं परन्तु एक इंजिनियर दुनिया की भीड़ से अलग होता है। यह चुनौती और रचनात्मकता का क्षेत्र है और इसे सर्वोच्च वेतन वाला पेशा माना जाता है। यह करियर न केवल अपने आप को लाभ देता है बल्कि समाज को भी लाभ देता है।
आइए अब इस विषय की गहराई में चलें कि इंजीनियर को करियर के रूप में क्यों चुनें?
इंजीनियरिंग का चुनाव क्यों ?

(i) यह रचनात्मकता और चुनौती का क्षेत्रफल है

क्षेत्र रचनात्मकता के लिए दरवाजे खोलता है। जैसे कि अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो आप कुछ सॉफ़्टवेयर बनाने के लिए अपने कौशल और रचनात्मकता का उपयोग करते हैं। यद्यपि यह चुनौती का क्षेत्र है, लेकिन इंजीनियरों के लिए अपनी रचनात्मकता का उपयोग करने के लिए बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं।
इसलिए, जो लोग अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन में लागू करना चाहते हैं, उन्हें अपने करियर के रूप में इंजीनियरिंग चुनना चाहिए। हम यह भी कह सकते हैं कि यह खोज का क्षेत्र है जहां आप कुछ अलग कर सकते हैं।

(ii) इंजीनियरिंग में बहुत से विकल्प हैं
अगर आप इंजीनियरिंग करने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह जान लें कि इंजीनियरिंग आपको कई विकल्प प्रदान कराएगी। इंजीनियरिंग में कई शाखाएं हैं जो आप अपनी रुचि के अनुसार चुन सकते हैं।

इंजीनियरिंग में अवसर

जैसे अगर आप मशीनों के डिजाइन, निर्माण और उपयोग के बारे में रुचि रखते हैं, तो आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर सकते हैं। एक नया क्षेत्र जो आजकल उभर रहा है वह है मेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग जो मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और कंप्यूटर इंजीनियरिंग का सहयोग है।

(iii) विकास के अवसर प्रदान करता है
ऐसा हो सकता है कि शुरूआत में इंजीनियरिंग करने के बाद आपको उच्च पैकेज प्राप्त ना हो लेकिन इंजीनियरिंग उच्च विकास के अवसर प्रदान करता है। परन्तु जिस चीज़ की सबसे ज्यादा आवश्यकता है वह हैं आपका निरंतर प्रयास। डी डी ए फ़ॉर्मूला का प्रयोग करें जिसका अर्थ है नए विचारों की खोज करें, उनका विश्लेषण करें और उन्हें लागू करें।फिर, निश्चित रूप से विकास के कई अवसर हैं जो आपके रास्ते आएँगे।

(iv) समाज में प्रतिष्ठित स्थिति प्राप्त होगी

इंजीनियर्स हमेशा मांग में होते हैं और हमेशा समाज में एक प्रतिष्ठित स्थिति के अधिकारी होते हैं। अपने नए विचारों और नई खोज से वे खुद को और साथ ही समाज को लाभ देते हैं। कार, मोबाइल फोन और आज जो सुविधाएं आपको कम्फर्ट दे रही हैं, वे इंजीनियर्स की कृपा से हैं।

(v) विभिन्न कैरियर अवसर

इंजीनियरिंग आधारित शिक्षा आपके कौशल को विकसित करती है जैसे समस्या सुलझाने, नवाचार, परियोजना प्रबंधन जो विभिन्न अन्य उद्योगों और करियर में उन कौशल को प्रयोग करने की अनुमति देता है। इंजीनियर्स अपने करियर को बैंकिंग, प्रबंधन, शिक्षण, व्यापार और सिविल सेवाओं आदि में स्थानांतरित कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने कई प्रतिभाएं विकसित की हैं।

प्रोफेसर डॉ एस आर पांडेय आई टी एम् महराजगंज के निदेशक एवम् आई आई टी खड़गपुर के पूर्व शोधार्थी है।

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महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर,मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया गया

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महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर राजेन्द्र नगर मीरगंज (गोपालगंज) का “वार्षिकोत्सव” रंगोत्स्व के रूप में शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया।सबसे पहले प्रातः काल में सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल कुमार राम जी की गरिमामयी सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भईया बहनों द्वारा माँ दुर्गा मन्दिर परिसर से पथ संचलन निकाला गया जो हथुआ मोड़ से गलामंडी होते हुए थाना चौक फलमंडी के रास्ते पुनः विद्यालय आकर सम्पन्न हुआ।पथ संचलन में शिशु मन्दिर महावीरपुरम सिवान के प्रधानाचार्य संकुल प्रमुख श्री कमलेश नारायण सिंह,स्थानीय प्रधानाचार्य श्रीमती सुनिता राय,अध्यक्ष श्री पंकज किशोर सिंह,कोषाध्यक्ष श्री विजय कुमार,बालिका विद्या मन्दिर सिवान की प्रधानाचार्या श्रीमती सिम्मी कुमारी,शिशु मंदिर हकाम की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन उपाध्याय,कोयलादेवा शिशु मन्दिर की प्रधानाचार्या श्रीमती रिंकू देवी एवं अन्य महावीरी विद्यालयों के आचार्य एवं आचार्य गण शामिल रहे।वहीं पथ संचलन को सफल बनाने में मीरगंज की पुलिस का सराहनीय सहयोग रहा।रंगोत्स्व का शुभारंभ मुख्य अतिथि मीरगंज नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अनीता देवी,पूर्व नगर अध्यक्ष श्रीमती मोहिता देवी,नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्री धनंजय यादव,स्वयंसेवक श्री रंजीत मिश्रा एवं सिवान विभाग निरीक्षक श्री अनिल राम,शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री कमलेश नारायण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।मंच संचालन आचार्या वंदना शर्मा ने किया।वहीं कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान भी किया गया।इस अवसर पर श्री दिवाकर मिश्रा,धर्मेंद्र शाही,महावीरी विजयहाता के प्रधानाचार्य डॉ कुमार विजय रंजन,महावीरी बरहन गोपाल के प्रधानाचार्य श्री रविंद्र राय,विद्या मन्दिर बड़‌हरिया के प्रधानाचार्य श्री आलोक कुमार,शिशु मन्दिर के प्रधानाचार्य श्री उपेन्द्र कुमार मिश्र,निजी विद्यालय की प्राचार्य लवली राय,श्री वशिष्ठ सिंह नारायण,वरिष्ठ आचारया श्रीमती शिवानी कुमारी,बालिका विद्या मन्दिर की आचार्या प्रज्ञा द्विवेदी,श्री ठाकुर गुप्ता,स्थानीय विद्यालय की आचार्या सुरुचि वर्मा,सपना कुमारी,राजनंदनी सोनी तथा गूंजा कुमारी सहित विद्यालय अभिभावक एवं भैया बहन शामिल रहे।रंगोत्सव में विद्यालय के नन्हें मुने भईया बहनों ने पर्यावरण संरक्षण,कुटुम्ब प्रबोधन एवं सनातन वैवाहिक परम्परा की प्रेरणादायी तथा होली की मनमोहक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मन मोह लिया

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महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर मीरगंज में सप्तशक्ति संगम का हुआ आयोजन

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लोकतंत्र न्यूज़,मीरगंज (गोपाललगंज );- महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर मीरगंज में सोमवार 22 दिसंबर 2025 को सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता ज्योति देवी ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ सप्तशक्ति संगम की विभाग संयोजिका श्रीमती आशा रंजन,अध्यक्ष श्रीमती ज्योति देवी एवं वरिष्ठ आचार्या श्रीमती सन्नी पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर किया।मुख्य वक्ता श्रीमती आशा रंजन ने कुटुंब प्रबोधन पर अपना उद्बोधन दिया।वहीं श्रीमती सनी पाण्डेय ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।विशिष्ट माता का सम्मान रेखा कुमारी,नीलू कुमारी।अनुभव कथन ब्यूटी देवी एवं स्मृति केशरी ने किया। आभार ज्ञापन वंदना शर्मा,संकल्प प्रस्तुति आचार्या सुरुचि वर्मा ने किया।विशिष्ट माता के रूप में मशरूम की खेती से महिलाओं को स्वालंम्बी बनाने वाली रेखा कुमारी एवं दीया निर्माण से महिलाओं को सशक्त बनाने वाली नीलू देवी को दिया गया।प्रधानाचार्या सुनीता राय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में प्रबधकारिणी समिति अध्यक्ष श्री पंकज किशोर सिंह,कोषाध्यक्ष श्री विजय कुमार,सचिव श्री ब्रजेश कुमार सिंह,सरस्वती शिशु मंदिर हकाम की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन कुमारी,शिशु मंदिर सरसर के प्रधानाचार्य श्री वीरेंद्र कुमार सिंह,सरस्वती शिशु मंदिर कोयलादेवा की प्रधानाचार्या रिंकू कुमारी,आचार्या सोनी कुमारी सहित अन्य गणमान्य शामिल रहे।मंच संचालन मंजू देवी ने किया।विद्यालय की आचार्या सपना कुमारी,राज नंदनी सोनी,गुंजा कुमारी।प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुए इस सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में करीब 300 माताओं की सहभागिता रही।मुख्य द्वार पर विद्यालय की बहनों द्वारा रोड़ी चंदन एवं पुष्प वर्षा से किया गया।

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“सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सरस्वती शिशु विद्या मंदिर दर्शन नगर,छपरा में हुई बैठक

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लोकतंत्र न्यूज़,सारण ;- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर, छपरा के सभागार में मंगलवार को एक गरिमामय एवं उद्देश्यपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।इस अवसर पर दिनांक 21 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले “सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी माननीय शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।विद्यालय के अध्यक्ष होने के नाते मैंने मातृशक्ति द्वारा आयोजित तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार और उपयोगी सुझाव दिया।इस बैठक में विद्यालय के माननीय उपाध्यक्ष महोदय, सचिव महोदय,प्राचार्य महोदय के साथ-साथ सिवान स्थित महावीरी सरस्वती मंदिर विद्यालय के दिशा-निर्देशन में संचालित चार प्रमुख विद्यालयों के माननीय प्राचार्य महोदय भी उपस्थित रहे।इसके अतिरिक्त सिवान स्थित विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव तथा विद्वान विभाग निरीक्षक महोदय की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।इस अवसर पर सिवान से पधारे सभी गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र, कैलेंडर एवं डायरी भेंट कर सम्मानित करने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ, जो हमारे संस्कार और अतिथि-सम्मान की परंपरा का प्रतीक है।यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि शिक्षा, संगठन और राष्ट्रहित के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण थी। -सप्तशक्ति संगम : मातृशक्ति का राष्ट्रनिर्माण में योगदान-सप्तशक्ति संगम मातृशक्ति की उस ऊर्जा का प्रतीक है जो समाज, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्र को सुदृढ़ आधार प्रदान करती है। नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि समाज की चेतना और राष्ट्र की शक्ति है। शिक्षा, संस्कार, सेवा और संगठन, इन सभी क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान सदैव मार्गदर्शक रहा है।आज जब मातृशक्ति संगठित होकर शब्द,विचार और कर्म के माध्यम से राष्ट्रहित में आगे बढ़ती है,तब ऐसे कार्यक्रम समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। सप्तशक्ति संगम जैसे आयोजन हमें यह स्मरण कराते हैं कि नारी की सृजनात्मक शक्ति ही देश को आत्मनिर्भर,संस्कारवान और सशक्त बना सकती है।हम सबका दायित्व है कि इस पवित्र प्रयास को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ सफल बनाएं तथा मातृशक्ति के इस प्रेरणादायी योगदान को जन-जन तक पहुँचाएं।

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